जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : शहरवासियों को आवारा पशुओं के आतंक से निजात दिलवाने सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर कोटद्वार बचाओ संघर्ष समिति 26 अक्टूबर को कोटद्वार नगर निगम परिसर में तालाबंदी करेगी। समिति ने जल्द समस्या का निराकरण नहीं होने पर जन आंदोलन चलाने की भी चेतावनी दी है। कहा कि जनता की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस संबंध में समिति के संयोजक नागेंद्र उनियाल ने नगर आयुक्त को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि कोटद्वार नगर निगम गठन से जनता को बेहतर विकास की उम्मीद थी। लेकिन, नगर निगम जन सस्याओं का गंभीरता से निराकरण नहीं कर रहा। कहा गया है कि नगर निगम का गठन कोटद्वार की जनता को स्वच्छ वातावरण, आवारा पशु मुक्त सड़कें व अन्य समस्याओं के समाधान के लिए किया गया था। लेकिन नगर निगम वर्तमान में अपनी इन सब जिम्मेदारियों से मुंह मोड़े दिखाई दे रहा है। निगम क्षेत्र में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। क्षेत्र में आवारा पशुओं का आतंक बना हुआ है। ये पशु किसानों की फसल को बर्बाद कर रहे हैं। शहर में खरीदारी करने वालों और व्यापारियों के वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। शहर में अतिक्रमण को हटाने के बाद फुटपाथों का निर्माण किया जाना चाहिए था। लेकिन ऐसा नही हुआ है। समिति ने कोटद्वार के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट व कूड़ा निस्तारण के लिए पूर्व की भांति बिजनौर बृक्षारोपण वन प्रभाग (अब उत्तर प्रदेश) से भूमि लीज पर लेने के लिए नगर निगम बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को भेजे, ताकि राज्य सरकार उत्तर प्रदेश सरकार से पूर्व की भांति लीज का नीवनीकरण करवा सके। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि समस्याओं पर सकारात्मक कार्रवाई न होने की स्थिति में समिति 26 अक्तूबर को नगर निगम मुख्यालय में प्रदर्शन करते हुए तालाबंदी करेगी।