ऋषिकेश। भानियावाला में शुक्रवार को सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए पहुंची विभागीय टीमों का ग्रामीणों ने घेराव किया। ग्रामीणों ने मुआवजा देने के बाद सड़क चौड़ीकरण करने की बात कही। शुक्रवार को भानियावाला में तहसील टीम, एसएलओ और एनएचएआई की टीम जेसीबी लेकर पहुंची, जिसके बाद वहां ग्रामीण एकत्रित हो गए। निवर्तमान सभासद ईश्वर रौथान ने कहा कि भनियावाला से ऋषिकेश तक फोरलेन हाईवे बनना है। जिसके लिए एनएचएआई द्वारा प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा भी दे दिया गया है। मगर कुछ ग्रामीणों को अभी मुआवजा नहीं मिल पाया है। कुछ ग्रामीण ऐसे हैं, जिनकी जमीन आबादी में तो है, मगर नाम नहीं है, उनको मुआवजा नहीं दिया गया है। ऐसे में यह मामला उच्च न्यायालय में चल रहा है। जहां एनएचएआई ने यह कबूल किया है कि हमने 93 लाख रुपए एसएलओ के पास जमा कर दिए। मगर अभी तक कई लोगों को मुआवजा नहीं मिला है। इसके बाद ग्रामीणों ने शिव मंदिर भानियावाला ने बैठक की, जिसमें निर्णय लिया कि शनिवार को एक आपत्ति पत्र एसएलओ ऑफिस में मुआवजे के लिए दिया जाएगा। ईश्वर रौथान ने कहा कि क्षेत्रवासी विकास के खिलाफ नहीं हैं, मगर सभी ग्रामीणों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए। वहीं एनएचएआई की ओर से कहा गया कि जिसको मुआवजा मिल गया है, वह जमीन खाली करनी शुरू कर दें, जिससे हम कार्य शुरू कर सकें। नायब तहसीलदार केशव जोशी ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के लिए जो निशान लगाए गए थे, वो जी-20 सम्मेलन के दौरान हुए सौंदर्यीकरण के चलते मिट गए थे। जिसके लिए फिर नपाई करने के बाद निशान लगाने की प्रक्रिया चल रही है। मौके पर ईश्वर रौथान, योगेंद्र सिंह वर्मा, नरेंद्र उनियाल, अनिल सैनी, गुड्डू चौधरी, मनीष सिद्धू, सुनील गोयल, अर्जुन सिंह, केशव वर्मा, अजय रतूड़ी, विजेंद्र गोयल, पूर्ण सिंह चौहान, कुशल सिंह चौहान, राजेश कृषली, धर्मेद्र आदि मौजूद रहे।