रुद्रप्रयाग : बीते 11 दिनों से छेनागाड़ में लापता लोगों की तेजी से खोजबीन न करने से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने सोमवार को स्वयं हाथों में गेंती, कुदाल, फावड़ा और सब्बल लेकर खुदाई की। इस दौरान आपपास के करीब 200 लोग वहां पहुंचे और खोजबीन में जुटे रहे। हालांकि प्रशासन द्वारा भी एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ की टीम भी खुदाई करती रही। सोमवार को सुबह तालजामण, बसुकेदार, कालीमठ, अगस्त्यमुनि, जौला, बडेथ, उछोला, पाट्यों, बक्सीर, भुनाल गांव, मथ्या गांव, डांगी, खोड़ आदि गांवों के करीब 200 लोग छेनागाड़ पहुंचे। इस दौरान लोगों ने हाथ में गेंती, फावड़ा, सब्बल, कुदाल लेकर खुदाई शुरू की। ढेर की शक्ल में पड़े मलबे और बोल्डर को हटाया गया तो मौके से दो सिलेंडर, प्रेशर कुकर सहित कई बर्तन आदि बरामद हुए। इस क्षेत्र में काफी दुर्गंध भी आ रही थी। इस मौके पर उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के उपाध्यक्ष त्रिभुवन चौहान की मौजूदगी में सभी लोगों ने खुदाई की। खुदाई के दौरान लापता लोगों के परिजन भी मौके पर पहुंचे। त्रिभुवन चौहान ने कहा कि शासन-प्रशासन की उपेक्षा और कछुआ गति को देखते हुए स्थानीय लोगों को स्वयं मलबा हटाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मलबा हटाने का काम जारी रहेगा। वहीं दूसरी ओर प्रशासन की ओर से हर रोज की तरह एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ एवं पुलिस की मदद से मलबा हटाने का काम जारी रहा। इस मौके पर ग्रामीणों ने त्रिभुवन चौहान को मलबा हटाने के इस अभियान में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया। (एजेंसी)