नई टिहरी()। टिहरी जिले में जन औषधि केंद्रों की व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। जिला अस्पताल बौराड़ी, उप जिला अस्पताल नरेंद्रनगर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी में जन औषधि केंद्रों का संचालन बंद हो गया। इससे मरीजों को मेडिकल स्टोरों से महंगी दरों पर दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जन जन औषधि केंद्रों की लचर व्यवस्था पर स्थानीय लोगों ने कड़ा आक्रोश जताया है। उप जिला अस्पताल नरेंद्रनगर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी में गत वर्ष जन औषधि केंद्र बंद हो गए थे। जिला अस्पताल बौराड़ी में केंद्र संचालित हो रहा था, लेकिन यहां भी करीब 15 दिन पहले ताला लग गया है। अस्पताल आने वाले मरीजों को अब रियायती दरों पर दवाइयों की सुवधिा नहीं मिल पा रही है जिससे लोगों को सस्ती दवा के लिए भटकना पड़ रहा है। नागरिक मंच के अध्यक्ष सुंदर लाल उनियाल का कहना है कि जन औषधि केंद्र बंद होने से गरीब और बुजुर्ग मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। बाजार से दवाइयां खरीदना हर किसी के बस की बात नहीं है। गंभीर सिंह नेगी ने बताया कि पहले बौराड़ी जिला अस्पताल परिसर में ही सस्ती दवा मिल जाती थी।
अब बाहर मेडिकल स्टोर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं। मोहन सिंह रावत का कहना है कि लंबी बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है। हर महीने दवाइयों पर अतिरिक्त खर्च बढ़ता जा रहा है।
जन औषधि केंद्रों में बिक्री कम होने के कारण संचालकों को कर्मचारियों का मानदेय देने में दिक्कतें आ रही थी। जन औषधि केंद्र बंद होने पर अब अधिकांश दवाइयां सरकारी अस्पताल से ही लोगों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। -डॉ. श्याम विजय, सीएमओ टिहरी