एलयूसीसी के निवेशकों और एजेंटों का कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन

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ऋषिकेश। लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी के निवेशकों और एजेंटों का कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। शनिवार को भाजपा पदाधिकारी धरने पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मामले में सरकार ने सीबीआई जांच की अनुमति प्रदान कर दी है, जिसको लेकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार का आभार जताया। शनिवार को आईडीपीएल में 80वें दिन भी एलयूसीसी के निवेशकों का प्रदर्शन जारी रहा। निवेश करने के दौरान उन्हें बताया गया कि यह सोसायटी भारत सरकार कृषि मंत्रालय द्वारा पंजीकृत है जो कि वर्तमान में सहकारिता मंत्रालय में पंजीकृत है। प्रदेश के करीब 2 लाख निवेशकों ने आरडी, एफडी, एमआईपी के माध्यम से करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश किया।
कुछ समय पहले सोसायटी ने बिना सूचना के सोसायटी का पोर्टल बंद कर दिया। 25 हजार महिलाएं, पुरुष व बुजुर्ग सोसायटी के सुविधा केंद्रों में संचालक व एजेंट का काम कर रहे थे। अब निवेशक अपना पैसा लोटाने को लेकर उन पर दबाब बना रहे हैं जबकि इसमें सोसायटी के सुविधा केंद्रों के संचालक व एजेंट का कोई दोष नहीं है। सारा घोटाला सोसायटी के प्रबंधकीय मंडल व उच्चाधिकारियों ने किया है। उन्होंने निवेशकों के पैसे पाबंदी अधिनियम के तहत दिलवाने की मांग की।
इस दौरान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राणा, मेयर शंभू पासवान, भाजपा वीरभद्र मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह आदि मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के सांसद हरिद्वार त्रिवेंद्र सिंह रावत, सांसद गढ़वाल अनिल बलूनी, सांसद नैनीताल अजय भट्ट, सांसद टिहरी गढ़वाल माला राज्य लक्ष्मी शाह द्वारा केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट कर एलयूसीसी प्रकरण के बारे में बताया है और मामले में सख्त कार्यवाही की मांग की है। कहा कि प्रदेश सरकार ने मामले में सीबीआई जांच को स्वीकृति भी दी है, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रतिनिधियों और सरकार का आभार जताया। मौके पर पार्षद हर्षवर्धन सिह रावत, सुमन चमोला, सरस्वती चौहान, शशि सेमेल्टी, ममता ममगाईं, विनिता बिष्ट, हेमलता, विजया नौटियाल, पूनम डोभाल, बालम सिंह, सुयश मिश्रा, विमल नेगी आदि उपस्थित रहे।

 

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