चमोली()। जिला आयुर्वेद अस्पताल में स्थापित पंचकर्म यूनिट पिछले एक साल से बंद पड़ी है। पंचकर्म कक्ष में लगी लाखों की मशीनें भी धूल फांक रही हैं। विशेषज्ञ के अभाव में मरीजों को पंचकर्म यूनिट का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि जहां सरकार आयुर्वेद को बढ़ावा देने में लगी हुई है, वहीं, बंद पड़े पंचकर्म यूनिट के संचालन पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिला अस्पताल परिसर में ही जिला आयुर्वेदिक अस्पताल भी संचालित होता है। यहां पंचकर्म यूनिट स्थित है। अस्पताल में पंचकर्म के लिए सभी उपकरण मौजूद हैं। इनके संचालन के लिए पंचकर्म स्पेशलिस्ट का पद पिछले एक साल से रिक्त पड़ा हुआ है। पूर्व में यहां हर महीने पांच से 10 मरीज इलाज के लिए पहुंचते थे। पूर्व ब्लाॅक प्रमुख भगत सिंह बिष्ट का कहना है कि आयुर्वेद अस्पताल में पंचकर्म की सुविधा नहीं मिल पा रही है जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय स्तर पर जल्द पंचकर्म स्पेशलिस्ट की तैनाती कर मरीजों को सुविधा देनी चाहिए। जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के जिला प्रतिनिधि तारेंद्र प्रसाद थपलियाल का कहना है कि पंचकर्म यूनिट के दोबारा संचालन के लिए स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता की जाएगी। इधर, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी श्रवण कुमार त्रिपाठी का कहना है कि पंचकर्म स्पेशलिस्ट का तबादला होने से इसका संचालन नहीं कर पा रहे हैं। उच्च अधिकारियों को पंचकर्म स्पेशलिस्ट की तैनाती के लिए लिखा गया है।