रुद्रप्रयाग : नगर में बीते दिन अकेला घूमते नाबालिग बालक को सुरक्षित उसके माता-पिता तक पहुंचाकर रुद्रप्रयाग पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। करीब 12 वर्ष का यह बालक जब 27 नवम्बर को एक स्थानीय व्यक्ति की नजर में आया, तो उसके बाद पुलिस सूचना पर उसे कोतवाली लाई और उसे परिजनों तक पहुंचाने के प्रयासों में जुट गई। नाबालिग की कोतवाली पुलिस ने रहने और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की। साथ ही चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को भी मामले की सूचना दी। पूछताछ में बच्चे ने अपना नाम धीरेंद्र प्रजापति निवासी सोहागपुर जनपद शहडोल (मध्य प्रदेश) बताया। साथ ही यह भी स्वीकार किया कि वह माता-पिता की डांट से बिना बताए घर से केदारनाथ घूमने चला आया है। बालक पुलिस को परिजनों का मोबाइल नंबर नहीं बता पाया। कोतवाली निरीक्षक रुद्रप्रयाग मनोज नेगी के निर्देशन में पुलिस टीम ने परिजनों की खोज के लिए अथक प्रयास शुरू किए। विभिन्न चैनलों के माध्यम से जानकारी जुटाते हुए टीम ने अंत में थाना सोहागपुर शहडोल से संपर्क स्थापित किया, जहां से यह जानकारी मिली कि धीरेंद्र की गुमशुदगी 24 नवम्बर की रात को दर्ज कराई जा चुकी है। पुलिस द्वारा बालक की वीडियो कॉलिंग के माध्यम से परिजनों से बात कराई गई, जिसके बाद माता-पिता की चिंताएं दूर हुईं। सूचना मिलते ही परिजन रुद्रप्रयाग पहुंचे, जबकि शुक्रवार को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष बच्चे को विधिवत उनके सुपुर्द कर दिया गया। बेटे को पाकर माता-पिता भावुक हो उठे, उन्होंने रुद्रप्रयाग पुलिस का आभार व्यक्त किया। (एजेंसी)