श्रीनगर गढ़वाल : कीर्तिनगर ब्लॉक के मलेथा गांव में आयोजित वीर शिरोमणी माधो सिंह भडारी राजकीय औद्योगिक कृषि विकास मेले के दूसरे दिन कलाकारों ने माधो सिंह भंडारी नृत्य नाटिका का शानदार मंचन किया। नाटक देखकर दर्शक भावुक हो गए। इससे पूर्व मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि उक्रांद के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष पूरण सिंह कठैत ने किया।
सोमवार को गुरुमाणिकनाथ व मां राजराजेश्वरी की आरती से मेले की शुरुआत हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि पूरण सिंह कठैत ने कहा कि माधो सिंह भंडारी साथ कुशल सेनापति और विकास पुरुष थे। उन्होंने मलेथा की खेती को हराभरा करने के लिए पहाड़ को खोदकर सुरंग निर्माण कर खेतों तक पानी पहुंचाया। कहा कि जिन्होंने पूरे देश की सीमा तय की हो उन्हें आज हम बड़ा स्वरूप नहीं दे पाए। उक्रांद के रघुवीर पंवार ने कहा कि आज तक माधो सिंह भंडारी के जीवन को विद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल नहीं किया गया है। उक्रांद के केंद्रीय उपाध्यक्ष आशुतोष नेगी और अरुण नेगी ने कहा कि सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन पर एकजुटता से काम करना होगा। इस मौके पर कलाकारों ने माधो सिंह भंडारी के जीवन से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं का नृत्य नाटिका से मंचन किया। राजा महिपत शाह की ओर से माधो सिंह भंडारी को सेनापति के रूप में तिब्बत के द्वारा गढ़वाल पर किए गए आक्रमण को रोकने के लिए भेजा जाना और इस दौरान माधो सिंह भंडारी का उदीना से मुलाकात आदि दृश्यों का मंचन किया गया। इस मौके पर प्रधान रश्मि रावत, मेला समिति के अध्यक्ष देवेंद्र बलूनी, सत्यनारायण सेमवाल, महिपाल सिंह बुटोला, विजय सिंह, प्रियंका जयाड़ा, सूरजीत राणा व संदीप भट्ट आदि मौजूद थे। (एजेंसी)