महिला दरोगा को कुशल व्यवहार का प्रशिक्षण देने की मांग की

Spread the love

जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। अधिवक्ता प्रवेश रावत ने आरोप लगाते हुए कहा कि कोटद्वार कोतवाली में तैनात महिला दारोगा बिना कारण ही लोगों को परेशान कर रहे है। आम जनता के साथ ही जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने महिला दारोगाओं का यहां से ट्रांसफर करने की मांग की है। साथ ही उन्हें आम जनमानस से कुशल व्यवहार का प्रशिक्षण देने की मांग की।
अधिवक्ता प्रवेश रावत ने जनपद की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी. रेणुका देवी को भेजे ज्ञापन में कहा कि वाहन चेकिंग के नाम महिला दरोगाओं द्वारा मनमाने तरीके से चालान किये जा रहे है। कोटद्वार कोतवाली में तैनात कुछ महिला दारोगा हेलमेट अभियान के दौरान वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, महिलाओं, छात्रों से अभद्रता से पेश आती हैं, जब सामने वाले व्यक्ति अपना पक्ष रखता है तो उसका कई धाराओं में चालान कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे पुलिस कर्मियों को आम जनमानस से कुशल व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जाना अति आवश्यक है। पूर्व में कई बार इन महिला उपनिरीक्षकों की शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं है। प्रवेश रावत ने कहा कि उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर की सीमा से लगा होने के कारण कोटद्वार एक अतिसंवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए यहां अनुभवी पुलिस कर्मियों की नियुक्ति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही दारोगाओं का तबादला नहीं किया गया तो जनहित में सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जायेगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *