नशा मुक्ति केन्द्रों को लेकर विशेष व कठोर नियम बनाएं : नैथानी

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जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : जिला न्यायाधीश पौड़ी की अध्यक्षता में मानसिक स्वास्थ्य पुनर्विलोकन बोर्ड की पहली बैठक का आयोजन जिला जजी कार्यालय पौड़ी में किया गया। जिसमें मानसिक स्वास्थ्य देखभाल एवं मानसिक स्वास्थ्य पुर्नविलोकन बोर्ड के गठन के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। जिला न्यायधीश ने जनवरी माह के द्वितीय सप्ताह में कोटद्वार में आयोजित शिविर के दौरान नशा मुक्ति केन्द्रों का निरीक्षण करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केन्द्रों को लेकर बोर्ड सदस्य विशेष व कठोर नियम बनाएं।
जिला न्यायाधीश आशीष नैथानी ने बोर्ड के सदस्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि नशा मुक्ति केन्द्र, मानसिक रोगियों के लिए गुणवत्तापरक चिकित्सा और देखभाल करने के स्थान पर मात्र धनोपार्जन का जरिया बन गये हैं। जिस पर नशा मुक्ति केन्द्रों को लेकर जिला न्यायाधीश ने बोर्ड सदस्यों को विशेष व कठोर नियम बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने भर्ती मरीजों को उचित प्रकार से ठहरने की व्यवस्था, शौचालय इत्यादि एवं खाने की समुचित व्यवस्था, साफ-सफाई की निगरानी के साथ ही नशामुक्ति केन्द्रों में प्रतिदिन चिकित्साधिकारी, पैरामेडिकल स्टाफ एवं कांउसलर की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये। बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश कुंवर ने जानकारी देते हुये कहा कि जनपद पौड़ी में 788 मानसिक रोगी हैं, जिनमें अधिंकाश के पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र उपलब्ध नही हैं। कहा कि आगामी 14 फरवरी को जनपद के समस्त विकासखण्डों में मानसिक दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्गत किये जायेंगें। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी रुद्रप्रयाग डॉ. एचसी मर्तोलिया, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी चमोली डॉ. वीपी सिंह, मनोचिकित्सक डॉ. पारुल, जिला कार्यक्रम प्रबन्धक राजीव रावत, मनमोहन देवली उपस्थित रहे।

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