4 जनवरी को मोक्षनगरी के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री करेंगी गंगा सागर ब्रिज का शिलान्यास
सीएम ने दिए सुरक्षा से लेकर हर व्यवस्था के चाक चौबंद करने के निर्देश
पुण्यार्थियों के लिए 2500 सरकारी बसों व 250 लॉन्च की होगी व्यवस्था
कोलकाता ,। गंगासागर मेला 2026 की तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज राज्य सचिवालय नवान्न में विभिन्न विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्होंने खासतौर पर चेताते हुए कहा कि, गंगासागर मेला 2026 में वीआईपी संस्कृति के बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी वीआईपी के कारण गंगा सागर मेला की व्यवस्था व रफ्तार प्रभावित नहीं होना चाहिए। ऐसे लेगों के कारण किसी भी पुण्यार्थी को परेशानी नहीं हो इसका ख्याल रखना होगा। सीएम ने कहा कि, भीड़ को कंट्रोल करने के लिए खास इंतजाम होगा। मेला में व्यवस्था को सम्भालने के लिए 12 जनवरी को कई मंत्री वहां मौजूद होंगे। सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि, मेले की व्यवस्था को सम्भालने के लिए वहीं 3,500 वॉलंटियर्स को ट्रेनिंग देकर भेजा जाएगा। मेले में आने वाले पुण्यार्थियों को रिस्ट बैंड और आईडी कार्ड उपलब्ध होंगे। यहां आने वाले हर किसी के लिए बीमा की व्यवस्था होगी। जबकि मेला में हर जगह सीसीटीवी व ड्रोन से निगरानी होगी। मेले के लिए 2,500 बसें चलेगी और 250 लॉन्च पुण्यार्थियों के लिए लगातार चलाया जाएगा। वहीं नए 21 जेटी बनाये जा रहे है। लेकिन 2026 के 4 जनवरी से से पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 4 किलो मीटर लंबे गंगासागर ब्रिज का शिलान्यास करेंगी।क्यो कि सीएम इसी दिन गंगा सागर मेले की तैयारी का जायजा करेंगी। सीएम ममता के अनुसार, गंगासागर ब्रिज को करीब 17 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। वह गंगासागर मेले में 4 जनवरी को ही उक्त ब्रिज का शिलान्यास करेंगी। सीएम ममता ने फिर दोहराया कि, गंगासागर मेले का रास्ता सुगम व आसान बनाने के लिए मुड़ीगंगा नदी पर एक नया ब्रिज बनाया जा रहा है, जो सागरद्वीप को सीधे मेनलैंड (काकद्वीप) से जोड़ेगा और लोग यहां यहां सीधे कार से पहुंच सकेगें। सीएम ममता बनर्जी ने उम्मीद जताते हुए कहा कि, ब्रिज से गंगासागर मेले के तीर्थयात्रियों की लंबी दूरी की यात्रा आसान हो जाएगी, जो अभी बहुत आसान नहीं है। बहरहाल जो भी हो लेकिन नवान्न सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उस पुल का काम जल्दी पूरा करने का आदेश दिया। वैसे जानकारों की माने तो गंगासागर मेला 8-17 जनवरी तक चलेगा। मेले में 300 बिस्तरों वाला एक अस्थायी अस्पताल से लेकर दमकल की व्यवस्था से लेकर पेयजल का कोई अभाव नहीं होगा। सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद होगी और निगरानी तंत्र को काफी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।