दवा डिस्ट्रीब्यूटर को मैनेजर ने लगाया कि 44.50 लाख चूना

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देहरादून। दवा डिस्ट्रीब्यूटर की फर्म रखे गए मैनेजर ने 44.50 लाख रुपये की दवाएं चोरी से बेचकर भुगतान खुद ले लिया। खुलासा होने पर फर्म मालिक को आरोपी ने इसके एवज में कुछ चेक दिए। उनका भी भुगतान नहीं हुआ। मामले में आरोपी प्रबंधक के खिलाफ पटेलनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।इंस्पेक्टर पटेलनगर केके लुंठी ने बताया कि प्रतीक शर्मा निवासी कैपिटल हाइट आईटीबीपी सीमाद्वार ने तहरीर दी। वह वंदना डिस्ट्रीब्यूटर आरर्केडिया ग्रांट के प्रोपराइटर हैं। उनकी फर्म जगत फार्मा की लाइफ सेविंग दवाइयों की राज्यों में प्रमुख डिस्ट्रीब्यूटर है। प्रतीक शर्मा ने अपनी डिस्ट्रीब्यूटर फर्म में हेमंती नंदन निवासी न्यू बसंत विहार एंक्लेव, इंदिरानगर को बीते आठ वर्ष से बतौर प्रबंधक रखा हुआ था। बीते दो जनवरी को प्रतीक शर्मा को जगदाले इंडस्ट्री के एकाउंटेंट ने फोन किया। प्रतीक को बताया कि उनके गोदाम में काफी स्टॉक् पड़ा है। इसमें 75 फीसदी स्टाक वापस मांगा। प्रतीक ने मैनेजर हेमंती नंदन को इस बारे में बताया। हेमंती ने इस दौरान कहा कि कोई कंप्यूटर त्रुटि हुई होगी। उसने प्रतीक के यहां स्टाक होने से मना कर दिया। कंपनी ने इसका ऑडिट किया। इस दौरान स्टाक होना पाया गया। जबकि, प्रतीक के गोदाम में इतनी दवाएं नहीं थी। तब पता लगा कि मैनेजर हेमंती नंदन ने फर्जीवाड़े से यह 44.50 लाख रुपये की दवाएं बेच दी हैं। हेमंती ने बीते मार्च में प्रतीक को 25 लाख रुपये के दो चेक दिए और शेष रकम जल्द देने का वादा किया। चेक बैंक में भुगतान को लगाए तो वह बाउंस हो गए। आरोप है कि इसके बाद हेमंती ने प्रतीक शर्मा को रकम न देते हुए धमकियां दी। इंस्पेक्टर केके लुंठी ने बताया कि मामले में आरोपी हेमंती के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

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