जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। विकासखंड दुगड्डा के अन्तर्गत ऐता-चरेख मोटर मार्ग की बड़ी खराब हो रखी है। जगह-जगह सड़क पर बने गड्ढ़े किसी भी समय राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकते है। सड़क को ठीक कराने की दिशा में विभागीय जिम्मेदार उदासीन बने हुए है। जनप्रतिनिधियों ने केन्द्र सरकार से तत्काल आवश्यक कदम उठाकर जनता की यातायात असुविधा का निराकरण करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार शहर से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर होने के बावजूद भी पर्वतीय क्षेत्र आज भी बेहद पिछड़ा हुआ है।
जिला पंचायत सदस्य पठुड अकरा भरत सिंह नेगी ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत ऐता-चरेख मोटर मार्ग का के 22 किलोमीटर कार्य कार्यदायी संस्था अधिशासी अभियन्ता सिंचाई खंड लोक निर्माण विभाग कोटद्वार के द्वारा किया गया। मोटर मार्ग का पक्कीकरण कार्य वर्ष 2011 में किया जाना था, जो कि अक्टूबर 2011 में पूरा होना था, लेकिन मार्ग वर्ष 2016 तक बनता रहा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि गुणवत्ता के अभाव में एक ओर से मार्ग बनता रहा तो पीछे से मार्ग क्षतिग्रस्त होता रहा। कई बार शिकायत करने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं हो पा रही है। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। उन्होंने कहा कि मार्ग निर्माण के बाद पांच वर्ष तक मरम्मत होनी थी, लेकिन मरम्मत भी नहीं हो पाई। वर्तमान में उक्त मार्ग पर 2-2 फिट गहरे गड्ढे बने हुए है। जिस कारण मार्ग आवागमन के लायक नहीं है और मार्ग बंद होने की कगार पर है। मार्ग की दयनीय हालत होने से क्षेत्र के 30 गांवों के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आवागमन की दृष्टि से मार्ग बहुत ही महत्वपूर्ण है, परंतु काफी दिनों से सड़क जर्जर है, जिसके कारण राहगीरों का सफर कष्टदायक बना रहता है। जगह-जगह मार्ग क्षतिग्रस्त होने से हादसा का खतरा बढ़ गया है। चूंकि गड्ढे बने हुए है, इसलिए कब कोई दुर्घटना का शिकार हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता है। जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि कई बार समस्या से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया, परंतु समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में प्रधान सरदार सिंह, शीतल नेगी, दीपक नेगी, मंजू देवी, आसमा बेगम, रेखा रावत, इस्लाम अली, ताजबर नेगी, श्रीमती ममता नेगी, श्रीमती मंजू काला आदि शामिल थे।