शहीद त्रिलोक सिंह नेगी स्मृति द्वार का किया लोकार्पण

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जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : कल्जीखाल ब्लॉक के थैर गांव निवासी लांस नायक त्रिलोक सिंह नेगी भारत-चीन की लड़ाई में दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। उनकी स्मृति में बौंसाल में भव्य स्मृति द्वार का निर्माण गया। सोमवार को वीर चक्र विजेता शहीद त्रिलोक सिंह नेगी की 63वीं पुण्यतिथि पर बौंसाल स्मृति द्वार का लोकार्पण सेना अधिकारियों सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने किया। इस मौके पर भारतीय सेना के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शहीद त्रिलोक सिंह नेगी को श्रद्धाजंलि दी।
विकासखंड कल्जीखाल और एकेश्वर विकासखंड को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 534 पर बौंसाल के पास माँ भारती के वीर सपूत, उत्तरांखण्ड के गौरव, वीर चक्र विजेता शहीद त्रिलोक सिंह नेगी की स्मृति में भव्य स्मृति द्वार बनाया गया है। सोमवार को शहीद त्रिलोक सिंह नेगी की 63वीं पुण्यतिथि पर स्मृति द्वार का विधिवत लोकार्पण किया गया। शहीद त्रिलोर्क ंसह नेगी ने भारत-चीन की लड़ाई में अद्वितीय शौर्य और पराक्रम दिखाया था। इस मौके पर मेजर पलमेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि लांस नायक त्रिलोक सिंह नेगी 3 दिसम्बर 1958 को सेना में भर्ती हुए तथा 7 जनवरी 1960 को चतुर्थ बटालियन गढ़वाल राईफल्स का हिस्सा बने। 17 नवंबर 1962 को दुश्मन की एक मशीन गन पोस्ट से भीषण गोलीबारी दुश्मन की तरफ जाने में रूकावट बन रही थी, बटालियन के लांस नायक त्रिलोक सिंह नेगी गांव थैर, पट्टी असवालस्यूं ने राईफलमैन जसवंत सिंह रावत और राईफलमैन गोपाल सिंह गुसांई के साथ मिलकर मशीन गन पोस्ट को नष्ट करने का इरादा बना लिया। परिस्थितियां विषम थी लेकिन खून में उबाल था, असाधारण होसला था भगवान बद्री विशाल की गर्जना के साथ जान की परवाह किए बगैर युद्ध कोशल का सर्वश्रेष्ठ परिचय देकर उन्होंने दुश्मन की मशीन गन को छीन लिया। इस बीच दुश्मन की कई गोलियों से घायल लांस नायक त्रिलोक सिंह नेगी खून की आखरी बून्द और आखरी सांस तक अपने साथियों को कवर फायर देते रहे और अंतत: वीरगती को प्राप्त हो गए। उनकी इस असाधारण वीरता कर्तव्य परायणता और सर्वोच्च बलिदान के लिए लांस नायक त्रिलोक सिंह नेगी को वीर चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। 17-18 नवंबर 1962 को हुई लड़ाई में तीन अधिकारी, चार जेसीओ, 148 अन्य रैंक और सात एन.सी. ने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था तथा 300 से अधिक शत्रु मारे गये। इस अवसर पर मेजर पलमेंद्र सिंह चौहान, सेवानिवृत कैप्टन लेखपाल सिंह रावत, राजेंद्र सिंह रावत, पूर्व सैनिक संगठन के जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राणा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती आरती नेगी, नगर पंचायत अध्यक्ष सतपुली जितेंद्र सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख एकेश्वर पंकज बिष्ट, ग्राम प्रधान विकास रावत, प्रधान संगठन के अध्यक्ष पंकज पोखरियाल, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख कल्जीखाल अनिल नेगी, पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष मंजीत रावत, शहीद त्रिलोक सिंह नेगी के परिवार से कुलदीप नेगी, कमल सिंह नेगी, बलदेव सिंह नेगी, आनंद सिंह नेगी, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख बलवंत सिंह नेगी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य त्रिभुवन उनियाल आदि मौजूद थे।

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