देहरादून। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा आढ़त बाजार में साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह व माता गुजर कौर जी के शहीदी दिवस पर विशेष दीवान सजाया गया। प्रातरू नितनेम के पश्चात हजूरी रागी कंवरपाल सिंह ने आसा दी वार का शबद पहिला मरण कबूल जीवण की छडि आस व मन रे कउन कुमत तै लीनी का गायन किया। कार्यक्रम में विशेष रूप से गुरुद्वारा साहिब जी के हैंड ग्रंथी ज्ञानी शमशेर सिंह ने कहा कि गुरु गोविन्द सिंह जी के छोटे साहिबजादों ने सुंबा सरहिंद की गुलामी नहीं स्वीकार की। हमें सबको अपने धर्म में पके रहने की शिक्षा दी, हंसते हुए दीवार में चिनवा कर देश धर्म के लिए शहादत दी। विशेष रूप से आए हुए जगजीत सिंह के जत्थे ने श्मरन मुणसा सुरिआ हक है जो होइ मरन परवाणो़.श् व श्ऐसी मरनी जो मरै बहुरि न मरना होइ़.श् का शबद तथा सिमरन गायन किया। हैंड ग्रंथी शमशेर सिंह ने सरबत के भले के लिए अरदास की। प्रधान गुरबख्श सिंह राजन व जनरल सेक्रेटरी गुलजार सिंह ने संगतों संग मिलकर साहिबजादो व माता गुजर कौर की शहादत को प्रणाम किया। कार्यक्रम के पश्चात संगत ने गुरु का लंगर व प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष चरणजीत सिंह, सेवा सिंह मठारु, गुरप्रीत सिंह जौली, सतनाम सिंह, विजय पाल सिंह, तिलक राज कालरा, दविंदर सिंह सहदेव, राजिंदर सिंह राजा, गुरनाम सिंह, अविनाश सिंह, अरविंदर सिंह आदि उपस्थित रहे।