चमोली : भारत-तिब्बत सीमा से सटे नीती घाटी के मेहर गांव में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से तीन मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए, जबकि एक मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। राहत की बात यह रही कि शीतकाल के कारण गांव में कोई भी निवासी मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जन या पशु हानि नहीं हुई है। प्रशासन को बुधवार रात लगभग नौ बजे के बाद मेहर गांव में आग लगने की सूचना मिली। उपजिलाधिकारी जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि सूचना मिलते ही मेहर गांव से कुछ किलोमीटर की दूरी पर तैनात आईटीबीपी को आग बुझाने के लिए मौके पर भेजा गया। साथ ही दमकल और पुलिस की टीमें भी रवाना की गईं। देर रात करीब 12 बजे संयुक्त प्रयासों से आग पर काबू पा लिया गया। उपजिलाधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मेहर गांव में कुल 15 परिवार निवास करते हैं, लेकिन यह एक माइग्रेटेड गांव है। सर्दियों के दौरान ग्रामीण अपने निचले क्षेत्रों के प्रवास गांवों में चले जाते हैं। इस आगजनी में तीन मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जिनमें एक दो मंजिला भवन भी शामिल है। इसके अलावा एक गौशाला और कुछ बाथरूम भी आग की चपेट में आ गए हैं। (एजेंसी)