मेडिकल छात्रों को एएफएमएस में सेवा के लिए किया गया प्रेरित, सेमिनार में साझा किए अनुभव

Spread the love

अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना मेडिकल कॉलेज में आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विसेज के विषय पर जागरूकता फैलाने हेतु एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। यह आयोजन मेडिकल के छात्रों को सैन्य चिकित्सा सेवा की बारीकियों, कार्यशैली और इसमें उपलब्ध संभावनाओं से अवगत कराने के उद्देश्य से किया गया। सेमिनार में आर्म्ड रिक्रूटमेंट ऑफिसर डॉ. पुष्प चक्रवर्ती और आरएमओ मेजर डॉ. निखिल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने विस्तार से बताया कि आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विसेज भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के चिकित्सा ढांचे का अभिन्न हिस्सा है, जिसमें डॉक्टरों को केवल चिकित्सा सेवा ही नहीं बल्कि मानवीय मूल्यों, नेतृत्व और अनुशासन के साथ देशसेवा का अवसर भी प्राप्त होता है। उन्होंने छात्रों को वीडियो प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विसेज में डॉक्टरों की क्या भूमिका होती है, वे किन चुनौतियों का सामना करते हैं और किन-किन क्षेत्रों में उनकी तैनाती की जाती है। प्रस्तुतियों में बताया गया कि आपातकालीन युद्ध स्थितियों से लेकर दूरस्थ क्षेत्रों में सेवा देने तक, आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विसेज के डॉक्टर हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। इस सेवा के अंतर्गत डॉक्टरों को उनके योगदान के लिए समय-समय पर अशोक चक्र सहित कई राष्ट्रीय और सैन्य सम्मान भी प्रदान किए जाते हैं। वक्ताओं ने बताया कि कि आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विसेज में कार्यरत डॉक्टरों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, निरंतर प्रशिक्षण और सम्मानजनक करियर ग्रोथ के अवसर प्राप्त होते हैं। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने भी उत्सुकता के साथ प्रश्न पूछे, जिनका वक्ताओं ने सरल और प्रेरक शैली में उत्तर दिया। सेमिनार में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सी. पी. भैसोड़ा, डॉ. अनिल पांडे, नोडल अधिकारी उर्मिला पलड़िया सहित तमाम फैकल्टी सदस्य, छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। उन्होंने वक्ताओं द्वारा साझा किए गए अनुभवों को अत्यंत प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम के समापन में कॉलेज प्रशासन की ओर से मेजर डॉ. निखिल और डॉ. पुष्प चक्रवर्ती को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *