देश को बचाने के लिए एकजुट होने का संदेश

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जयन्त प्रतिनिधि
कोटद्वार : विराट हिंदू सम्मेलन में लोगों ने देश की रक्षा के लिए एकजुट होने का संकल्प लिया। कहा कि देश व समाज हित के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए। इस दौरान हिंदू समाज को सचेत करने के लिए अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया।
कुंभीचौड़ में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन का शुभारंभ सांस्कृतिक कार्यक्रमों से किया गया। इसके उपरांत राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य ऋतुराज ने सभा को संबोधित किया। कहा कि वर्तमान में देश को बाहरी ताकतों से अधिक खतरा देश के भीतर मौजूद जयचंदों से है। कहा कि कुछ ताकतें राष्ट्र व समाज को विभिन्न तरीकों से बांटने की साजिश रच रहे हैं। ऐसे र्में ंहदू समाज को सचेत रहना होगा। उन्होंने कहा कि जब-जब देश में आतंक फैला, संत देश की रक्षा को खड़े नजर आए। यह देश श्रीकृष्ण, श्री राम से लेकर चाणक्य, चंद्रगुप्त, रामकृष्ण परमहंस, विवेकानंद, दयानंद सरस्वती, शिवाजी महाराज जैसे संतो का है। कहा कि हिंदू धर्म ही एकमात्र ऐसा धर्म है, जो सभी को स्वीकार करता है। संघ के बारे में उन्होंने कहा कि संघ चरित्र निर्माण करता है। इससे पूर्व, कार्यक्रम का शुभारंभ संघ के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य ऋतुराज, स्वामी हरिदास व ब्रह्म कुमारी प्रजापिता विश्वविद्यालय की प्रभारी ज्योति ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जीवा चिल्ड्रन एकेडमी के बच्चों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। प्राथमिक विद्यालय कुंभीचौड़ की छात्राओं ने गढ़वाली लोकनृत्य, जय भारती पब्लिक स्कूल के छात्रों ने हनुमान चालीस की प्रस्तुति दी। ग्रीन लैंड पब्लिक स्कूल, तल्ला काशीरामपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र-छात्राओं ने भी लोक गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में स्वामी हरिदास ने कहा कि हिंदू सम्मेलन करवाए जाने का मुख्य मकसद हिंदुओं को जागृत करना है। कहा कि देश में सामाजिक समरसता, स्वदेशी, सांस्कृतिक चेतना व राष्ट्रवाद को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को संगठित होकर आगे बढ़ने की जरूरत है। ब्रह्म कुमारी प्रजापिता विश्वविद्यालय की प्रभारी ज्योति ने कहा कि हमें संस्कारों को संजोए रखने की भी आवश्यकता है। संस्कृति और संस्कार हमारे समाज की आवश्यकता है। इस मौके पर जिला संघ चालक विष्णु अग्रवाल, सिंचाई सलाकार समिति के उपाध्यक्ष ऋषि कंडवाल, मणिराम, बृजमोहन चौहान, महानंद ध्यानी, प्रकाश डंगवाल, सुनील डोबरियाल, सुनीता कोटनाला, नीतू रावत, सुमन कोटनाला,अरविंद दुदपुडी आदि मौजूद रहे।

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