श्रीनगर गढ़वाल : पौड़ी जनपद में पहली बार श्रीनगर आंचल डेयरी में माइक्रो ट्रेनिंग सेंटर की शुरुआत की गई है। यह प्रशिक्षण केंद्र जायका योजना के माध्यम से स्थापित किया गया है, जहां दुग्ध उत्पादकों और डेयरी व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक दिन, दो दिन और पांच दिन के लचीले प्रशिक्षण विकल्प दिए जा रहे हैं, ताकि समय की कमी के कारण कोई भी वंचित न रहे। श्रीनगर दुग्ध उत्पादक संघ के प्रधान प्रबंधक श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि इस माइक्रो ट्रेनिंग सेंटर का उद्देश्य दुग्ध उत्पादकों को आधुनिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाएं, बुजुर्ग और किसान कठिन परिस्थितियों में पशुपालन करते हैं, लेकिन सही प्रशिक्षण के अभाव में उन्हें पूरा लाभ नहीं मिल पाता था। प्रशिक्षण के दौरान पशु पोषण, फीडिंग मैनेजमेंट, पशुओं की साफ-सफाई, सामान्य रोगों की पहचान और बचाव, दवाओं का सही उपयोग, समय पर टीकाकरण, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपाय, दूध की गुणवत्ता जांच और दुग्ध समितियों के पंजीकरण जैसी सभी जरूरी जानकारियां दी जा रही हैं। प्रधान प्रबंधक ने बताया कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह नि:शुल्क है और दिसंबर माह से शुरू किया गया है। पहले दुग्ध उत्पादकों को ऐसे प्रशिक्षण के लिए बाहर जाना पड़ता था, जहां समय और धन दोनों अधिक खर्च होते थे। अब श्रीनगर में ही सुविधा उपलब्ध होने से न केवल पैसा और समय बचेगा, बल्कि पौड़ी सहित आसपास के जनपदों के लोग भी इसका लाभ उठा सकेंगे। अब तक 542 दुग्ध उत्पादक इस माइक्रो ट्रेनिंग सेंटर से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं और अपने दुग्ध व्यवसाय में इसका प्रत्यक्ष लाभ देख रहे हैं। (एजेंसी)