मंत्री रेखा आर्या ने गैस आपूर्ति व चारधाम यात्रा तैयारियों की ली समीक्षा

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देहरादून। प्रदेश की खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री रेखा आर्या ने वर्तमान अन्तर्राष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति श्रृंखला (एल०पी०जी० रसोई गैस) प्रभावित होने से प्रदेश में उत्पन्न स्थिति के सम्बन्ध में विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन व जिला स्तरीय अधिकारियों एवं विभिन्न गैस कम्पनियों आईओसी, बीपीसी व एचपीसी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मंत्री ने घरेलू एवं व्यावसायिक गैस आपूर्ति, पीएनजी पाईपलाईन, डीजल व पेट्रोल की उपलब्धता, सीएनजी, गैस की कालाबाजारी, जमाखोरी व मुनाफाखोरी के प्रर्वतन, चारधाम यात्रा की तैयारी आदि विषयों की जनपदवार समीक्षा की।
मंत्री ने कहा कि है कि प्रदेश में तीनों गैस कम्पनियों आईओसी, बीपीसी व एचपीसी सभी को मिलाकर लगभग 35 लाख 55 हजार 05 सौ 69 घरेलू गैस कनेक्शन एवं 60 हजार 09 सौ 76 व्यावसायिक गैस कनेक्शन हैं। यदि स्टॉक की बात की जाय तो 30 मार्च 2026 तक प्रदेश में तीनों कम्पनियों को मिलाकर 80 हजार 08 सौ 61 घरेलू गैस सिलेण्डर व 12 हजार 146 व्यावसायिक गैस सिलेण्डर का स्टॉक उपलब्ध है। मंत्री ने कहा कि समीक्षा के बाद पाया गया कि प्रदेश में घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर कोई समस्या नहीं है। वर्तमान परिस्थितयों के अनुसार भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानक शहरी क्षेत्रों में 25 एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों में उपभोक्ताओं को गैस सिलेण्डर की उपलब्धता का अनुापलन हो रहा है। व्यावसायिक गैस कनेक्शनधारकों जैसे अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों आदि को भी गैस सिलेडरों की निर्बाध आपूर्ति की जा रही है। सभी लीगल घरेलू व व्यावसायिक गैस कनेक्शन जो चालू स्थिति में हैं उन्हें गैस सिलेण्डरों की उपलब्धता करायी जा रही है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में आॅनलाईन बुकिंग के पश्चात उपभोक्ताओं को डोर टू डोर गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराये जा रहे हैं तथा पहाड़ी क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार गैस सिलेण्डर की आपूर्ति की जा रही है। प्रदेश में घरेलू व व्यावसायिक दोनों ही तरह की गैस आपूर्ति सन्तोषजनक है। मंत्री ने कहा कि सम्बन्धित अधिकारियों को गैस कनेक्शन के नये आवेदनों पर 24 घण्टे के भीतर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की यह कोशिश है कि प्रदेश के मैदानी जिले पीएनजी से आच्छादित हो जायें ताकि एलपीजी पर दबाव कम हो सके। उन्होंने कहा कि पीएनजी को प्रदेश में बढ़ावा मिल सके इस सम्बन्ध में भारत सरकार से पत्राचार किया जायेगा।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में डीजल व पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर भी समीक्षा की गयी। प्रदेश में डीजल व पेट्रोल की कोई समस्या देखने को नहीं मिली है।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में गैस की कालाबाजारी, जमाखोरी व मुनाफाखोरी के सम्बन्ध में हुई दण्डात्मक कार्यवाही की भी जिलेवार समीक्षा की गई। इस संबंध में प्रदेशभर में 15 एफआईआर दर्ज की गयी है। 173 की संख्या में छापेमारी की कार्यवाही की गयी है। दोषियों से लगभग 90 हजार के करीब पेनल्टी डाली गयी है। मंत्री ने गैस कम्पनियों आईओसी, बीपीसी व एचपीसी के अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश में गैस की कालाबाजारी, जमाखोरी व मुनाफाखोरी जैसी घटनाएं न होने पाये।
प्रदेश के ऐसे क्षेत्र जो नगर क्षेत्र में शामिल हो चुकें हैं, किन्तु गैस कम्पनियों में उपलब्ध रिकार्ड में यह क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र के रुप दर्ज हैं। ऐसे क्षेत्र के निवासियों द्वारा 45 दिनों के बजाय शहरी क्षेत्र की भांति 25 दिनों में गैस सिलेण्डर की उपलब्धता की मांग की जा रही है। जिसके सम्बन्ध में भारत सरकार से पत्राचार किया जायेगा ताकि सम्बन्धित निवासियों को राहत मिल सकें।
इस अवसर पर खाद्य एवं आपूर्ति मामले विभाग से प्रमुख सचिव एल फनई, सचिव/आयुक्त आनन्द स्वरूप, अपर आयुक्त पीएस पांगती, अन्य अधिकारी तथा गैस कम्पनियों आईओसी, बीपीसी व एचपीसी के अधिकारी उपस्थित रहे। जबकि प्रदेश के सभी जिला पूर्ति अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।

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