कोटद्वार-दुगड्डा के मध्य हाईवे में सुरक्षा को लेकर लापरवाह सिस्टम
संकेतक व पैराफिट नहीं होने से बढ़ रहा दुर्घटनाओं का अंदेशा
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : सरकारी सिस्टम आमजन की जिंदगी को लेकर कितना लापरवाह है, इसका उदाहरण कोटद्वार-दुगड्डा के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर देखने को मिल रहा है। जहां 15 किलोमीटर के सफर में न ही राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे संकेतक नजर आ रहे हैं और न ही की पैराफिट दिखाई दे रहा है। हाईवे पर लगातार बढ़ते हादसों के बाद भी सरकारी सिस्टम ने व्यवस्थाओं में सुधार की सुध नहीं ली। जबकि, हाईवे पर हाथियों की भी धमक बनी रहती है।
वर्ष 2023 की अतिवृष्टि के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया था। हाईवे पर बीस से अधिक डेंजर जोन बन गए थे। साथ ही कई स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा खोह नदी में समा गया था। ऐसे में कुछ माह पूर्व ही राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने धरासाई हुए पुश्तों की मरम्मत का कार्य प्रारंभ किया। साथ ही दो वर्षों से आमसौड़ के समीप क्षतिग्रस्त पुलिया की भी मरम्मत करवाई गई। लेकिन, अब भी हाईवे पर दस से अधिक डेंजर जोन बने हुए हैं। कई स्थानों पर वर्षा थमने के बाद भी पहाड़ी से पत्थर गिरने का डर बना हुआ है। ऐसे में होना तो यह चाहिए था कि राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग डेंजर स्थानों के समीप सड़क पर संकेतक व पैराफिट लगाता। लेकिन, राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने इसकी कोई सुध नहीं ली। नतीजा, हाईवे से आवागमन करने वालों को आगे आने वाले डेंजर जोन का पता नहीं चल पता। जिसके कारण हर समय दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। कई वर्ष पूर्व लगाए गए संकेतक भी सड़क किनारे झाड़ियों में टूटकर गिरे हुए हैं। सिस्टम ने इन्हें दोबारा खड़ा करने की सुध नहीं ली।
अब तक हुए हादसे
1. 23 नवंबर को कोटद्वार-दुगड्डा के मध्य आमसौड़ के समीप एक डंपर खाई में गिर गया था। जिसमें, चालक की मौत हो गई थी
2. चार अगस्त को कोटद्वार-दुगड्डा के मध्य तिलबाढांग के समीप पहाड़ी से एक बोल्डर मैक्स के ऊपर गिर गया था। जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि, हादसे के बाद सिस्टम ने उक्त स्थान पर पहाड़ी से पत्थर गिरने का संकेतक लगा दिया था।
3. गत वर्ष जून माह में ही आमसौड़ के समीप सड़क किनारे खड़े एक डंपर के ऊपर पहाड़ी से पत्थर गिर गया था। जिसमें डंपर में सवार व्यक्ति की मौत हो गई थी।
4. गत वर्ष लालपुल के समीप एक कार अनियंत्रित होकर खोह नदी में गिर गई थी, जिसमें तीन युवकों की मौत हो गई थी।
5. दुगड्डा के समीप एक कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई थी, जिसमें नगीना तहसील में तैनात लेखपाल सहित दो युवकों की मौत हो गई थी।