श्रीनगर गढ़वाल : गढ़वाल विश्वविद्यालय के इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के पूर्व तकनीकी अधिकारी स्व. मोहन नैथानी को मरणोपरांत स्पर्श गंगा अभियान सम्मान दिया गया। गढ़वाल विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रकोष्ठ द्वारा संचालित गंगा एवं उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता हेतु चलाए जाने वाले स्पर्श गंगा अभियान के अंतर्गत यह सम्मान दिया गया है। स्व. मोहन नैथानी गढ़वाल विवि के इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के पूर्व तकनीकी अधिकारी एवं स्पर्श गंगा अभियान के संस्थापक सदस्य भी रहे हैं। गौरतलब हो कि स्व. मोहन नैथानी का निधन कोविड-19 महामारी के दौरान हुआ था। उन्होंने स्पर्श गंगा अभियान के अंतर्गत अनेक नवाचारी कार्यों और प्रयोगों के माध्यम से अमूल्य योगदान दिया। वे गढ़वाल विश्वविद्यालय के पहले सोशल मीडिया चैंपियन प्रभारी भी रहे। विश्वविद्यालय के आउटरीच कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता के साथ-साथ उन्होंने डाक्यूमेंटेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया। इतिहास एवं पुरातत्व विभाग में थ्री-डी प्रोडक्शन में उनकी विशेष दक्षता रही। विवि के जनसंपर्क अधिकारी आशुतोष बहुगुणा ने बताया कि 17 दिसंबर को स्पर्श गंगा दिवस के अवसर पर देहरादून थानों में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह सम्मान स्वर्गीय नैथानी की पुत्री तनीषा नैथानी को प्रदान किया गया। सम्मान समारोह में पर्यावरणविद पद्मभूषण डा. अनिल जोशी, पद्मश्री कल्याण सिंह रावत (मैती), स्पर्श गंगा अभियान की राष्ट्रीय संयोजिका डा. अरुषि निशंक अन्य उपस्थित रहे। (एजेंसी)