नई टिहरी। गोनगढ़ पट्टी के गोना गांव में मां ज्वाल्पा देवी का 11 दिवसीय अर्द्धकुंभ मेला विधि-विधान के साथ संपन्न हो गया। समापन अवसर पर मां ज्वाल्पा देवी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने मां ज्वाल्पा देवी से सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया। स्थानीय लोगों ने जयकारे के साथ मां ज्वाल्पा देवी की डोली को छह साल के लिए गर्भगृह में विराजमान किया। गोना गांव में मां ज्वाल्पा देवी का प्राचीन मंदिर स्थित है। लोक मान्यता के अनुसार मां ज्वाल्पा देवी की डोली प्रत्येक छह वर्ष में एक बार गर्भगृह से बाहर निकलकर यात्रा पर जाती है। जिसे क्षेत्र में अर्द्धकुंभ मेले के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष मां ज्वल्पा देवी की डोली 13 जनवरी को गर्भगृह से बाहर आई थी। मकर सक्रांति से वसंत पंचमी तक क्षेत्र में अर्द्धकुंभ मेला का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों क आयोजन किया गया। परंपरा के अनुसार मां की डोली ने भट्टगांव, लोदस, कोट गांव, बनोली, चौठार, डमकोट, क्यारदा, पौनाड़ा गांव का भ्रमण किया। वंसत पंचमी पर गोना गांव में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। हवन यज्ञ प्रसाद वितरण के बाद मां ज्वाल्पा देवी की डोली अगले छह वर्षों के लिए अपने गर्भगृह में विराजमान हो गई। इस अवसर पर ग्राम प्रधान पूरब सिंह रावत, गोविंद लाल, इंद्र लाल, डबल सिंह बिष्ट, सुंदर सिंह रावत, बाघ सिंह पंवार, प्रवीन बिष्ट, उत्तम सिंह, शिव सिंह, धृपाल सिंह आदि मौजूद रहे।