मुख्य विकास अधिकारी ने की विभिन्न बैंक ऋण योजनाओं की समीक्षा

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चमोली। मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे की अध्यक्षता में जिलास्तरीय पुनर्निरीक्षण समिति की बैठक कलक्ट्रेट सभागार में हुई, जिसमें वित्तीय वर्ष के तीसरी तिमाही 31 दिसंबर तक विभिन्न बैंक ऋण योजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने बैंकों को विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक माह वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित कर जनसाधारण को सरकार की जनकल्याणकारीयोजनाओं के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए। सीडीओ ने प्राथमिक सेक्टर में ऋण वितरण की खराब स्थिति पर बैंकों को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि जितने में किसान बैंक खाताधारक हैं, उनको किसान क्रेडिट कार्ड जारी करना सुनिश्चित करें। इससे किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलेगा, वहीं प्राथमिक सेक्टर में ऋण वितरण होगा। प्राथमिक सेक्टर में बैंकों ने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 25.78 प्रतिशत ही उपलब्धि हासिल की है, जबकि गैर प्राथमिक सेक्टर में 102.52 प्रतिशत ऋण वितरण किया गया है।
सीडी रेशो की समीक्षा में पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, नैनीताल बैंक पंजाब एंड सिंध बैंक, एक्सिस तथा एचडीएफसी बैकों का ऋण जमा अनुपात 30 प्रतिशत से भी कम होने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए इसमें सुधार लाने के निर्देश दिए। बताया कि आरबीआइ ने बैंकों का न्यूनतम सीडी रेशो का मानक 40 प्रतिशत निर्धारित किया है। इसलिए सभी बैंकर्स निर्धारित लक्ष्य हासिल करें। दिसंबर 2020 तिमाही में जनपद का सीडी रेशो 69.96 प्रतिशत रहा। बैंकों के निर्देश दिए कि बिना किसी ठोस कारण के कोई भी आवेदन निरस्त न किया जाए और किसी भी आवेदन को निरस्त करने से पहले संबंधित विभागों से अवश्य संपर्क करें। इस दौरान नाबार्ड की ओर से प्रकाशित संभाव्यता युक्त ऋण योजना 2021-22 पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

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