नगर निगम की सुस्त कार्य प्रणाली से बिगड़ रही व्यवस्था
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : भले ही नगर निगम शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के दावे कर रहा हो। लेकिन, हकीकत तो यह है कि आज तक नगर निगम को रेहड़ी-ठेली के अलावा दूसरा अतिक्रमण कभी नजर ही नहीं आया। नतीजा, दुकानों के बाहर सड़क तक सजे सामान के कारण आमजन का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दुर्घटनाओं का भी खतरा बना रहता है।
गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार में शायद ही कोई ऐसी सड़क हो जहां आपकों सड़क के बाहर दुकानों का रखा सामान न दिखाई दें। इसके कारण शहर की व्यवस्थाएं लगातार बिगड़ती जा रही है। आमजन का सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। लेकिन, नगर निगम की नजर आज तक इस अतिक्रमण पर नहीं पड़ी। नगर निगम को अतिक्रमण के नाम पर केवल रेहड़ी-ठेली ही नजर आती है। दुकानों के बाहर फैले इस अतिक्रमण से सबसे अधिक परेशानी देवी रोड, झंडाचौक, पटेल मार्ग, स्टेशन रोड में होती है। इससे राहगिरों को भी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। शहरवासी महेंद्र सिंह ने बताया कि इस संबंध में स्थानीय लोग कई बार अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं। लेकिन, नगर निगम ने कभी भी इसे गंभीरता से नहीं लिया।
बनी रहती है जाम की स्थिति
शहर में अतिक्रमण के कारण सड़कों पर पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। स्टेशन रोड में सड़क पर फैले अतिक्रमण के कारण वाहनों को निकलने का भी पूरा मार्ग नहीं मिल पाता। ऐसे में हर समय दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। पूर्व में हुई दुर्घटनाओं के बाद भी सरकारी सिस्टम समस्या को लेकर लापरवाह बना हुआ है।