नई टिहरी(। पंतवाड़ी-थात सड़क का सुधारीकरण और डामरीकरण कार्य न होने से पर्यटकों व स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क कच्ची होने से वहां आवाजाही करने पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को धूप में धूल व बारिश के दिनों कीचड़ से जूझना पड़ता है। नैनबाग-पंतवाड़ी-थात सड़क 13 किलोमीटर का निर्माण वर्ष 2001-2002 में हुआ था। सड़क प्रसिद्ध पर्यटक स्थल नागटिब्बा के साथ बिनाऊ, पवेत, टंटाड सहित कई गांवों को जोड़ती है। जौनपुर ब्लॉक प्रधान संगठन के अध्यक्ष प्रदीप कवि, सामाजिक कार्यकर्ता सोबन दास, पूर्व प्रधान गंभीर सिंह रावत का कहना कि नागटिब्बा पर्यटक स्थल हर वर्ष हजारों की संख्या में देश और विदेश से पर्यटक ट्रैकिंग के लिए आते हैं लेकिन सड़क के खस्ताहाल होने से लोगों को आवाजाही में भारी परेशानियों उठानी पड़ती है।
नागटिब्बा पर्यटक स्थल में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पर्यटकों के रुकने के लिए स्थानीय लोगों ने अपनी भूमि पर जगह-जगह होमस्टे और टेंट कालोनी बनाई हैं। सड़क की स्थिति खराब होने के कारण लोगों को जरूरत का सामान पीठ और सिर पर रखकर ढोना पड़ता है। बताया ऊपरी क्षेत्र में पंतवाड़ी, बिनाऊ, पवेत, टंटाड, कांडासारी सहित कई अन्य ग्रामीणों की छानियां, बगीचे और उपजाऊ खेत हैं,जहां पर ग्रामीण बागवानी और नकदी फसलों का उत्पादन करते हैं।
फल और सब्जियों को बेचने के लिए विकासनगर ले जाते हैं। बरसात में सड़क बाधित होने के दौरान ग्रामीणों को अपने उत्पादों को मुख्य सड़क तक पहुंचाने के लिए खोड़े-खच्चरों का सहारा लेना पड़ता है। सड़क संकरी और साथ खस्ताहाल बनी होने के कारण पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जान जोखिम में सफर करना पड़ता है। स्थानीय लोगों कई वर्षों से सड़क सुधारीकरण और डामरीकरण की मांग करते आ रहे है लेकिन विभागीय अधिकारी सड़क के सुधारीकरण के लिए बजट न होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ देते हैं। पंतवाड़ी-थात-नागटिब्बा को जोड़ने वाली सड़क को लोनिवि से पीएमजीएसवाई को स्थानांतरण की प्रक्रिया गतिमान है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क सुधारीकरण और डामरीकरण का कार्य पीएमजीएसवाई ही करेगा। -मदन मोहन जोशी, सहायक अभियंता लोनिवि थत्यूड़