नौकोड़ी में संग्रहालय बनाने की मांग मुखर

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बागेश्वर। नौकोड़ी, हरसिग्याबगड़ (हयटगास) में खोदाई के दौरान मिली प्राचीन सामग्री को रखने के लिए गांव में ही संग्रहालय बनाने की मांग मुखर हो गई है। क्षेत्र के युवाओं ने प्राचीन अवशेष सामग्री मिलने के छह दिन के बाद भी पुरातत्व विभाग की सुध नहीं लेने पर सवाल भी उठाए हैं। क्षेत्र के शोध छात्र इतिहास विभाग कमल सिंह कोरंगा के नेतृत्व में युवाओं ने जिलाधिकारी विनीत कुमार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि लगभग एक सप्ताह पूर्व हयटगास नामक स्थान पर टंकी का निर्माण किया जा रहा था। वहां खोदाई के दौरान प्राचीन अवशेष, सामग्री आदि निकली। जिसमें दरांती, घड़ा, चाकू आदि अन्य बर्तन शामिल हैं। जिसे ग्रामीणों ने अभी तक संभालकर रखा है। उन्होंने कहा कि गत एक अप्रैल को बर्तन खोदाई में मिलने की सूचना दी गई, लेकिन अभी तक पुरातत्व विभाग वहां नहीं पहुंच सका है। उन्होंने कहा कि पूर्वी रामगंगा और सरयू नदी के मध्य का भू-भाग दानपुर के अंतर्गत आता है। प्राचीन कालीन ऋषि-मुनियों की तपोभूमि के साथ ही ऐतिहासिक क्षेत्र होने के बावजूद यहां शोध कार्य नहीं हो रहे हैं। प्राचीन अवशेष मिलने से शोध कार्यों में और गुणवत्ता ऐतिहासिक प्रमाण इस क्षेत्र के इतिहास को जानना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह कार्य बिना पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के संभव नहीं है। इस दौरान शोध छात्र दिनेश कुमार, चंचल सिंह कोरंगा, बलवंत सिंह, शंकर सिंह, प्रताप सिंह, देवेंद्र सिंह, गोविद सिंह, दिनेश सिंह, जगत कोरंगा, रूप सिंह, राम सिंह, दीवान सिंह, ललिता देवी आदि मौजूद थे।
बहरहाल बर्तन और औजार निकलने से नौकोड़ी के हयटगास तोक में प्राचीन समय से ही बसासत हो सकती है। जिला प्रशासन की तरफ से अभी कोई सूचना नहीं मिली है। पुरातत्व विभाग के संज्ञान में यह मामला आया है। शीघ्र टीम हयटगास जाएगी और वहां मिले प्राचीन बर्तनों को बागनाथ मंदिर में बनाए जा रहे संग्रहालय में रखा जाएगा। -चंद्र सिंह चौहान, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी।

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