जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा एवं हिंदू नव संवत्सर महोत्सव धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इसके लिए नव संवत्सर अभिनंदन समारोह समिति ने तैयारियां शुरू कर दी है। निर्णय लिया गया कि नव संवत्सर पर शहर में भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाएगी।
आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि नवसंवत्सर की पूर्व संध्या 29 मार्च से कार्यक्रमों का आगाज होगा। कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के शुभ अवसर पर ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की, इसलिए यह नववर्ष का पहला दिन है। भारतीय काल गणना के अनुसार हमारी सृष्टि को आरंभ हुए एक अरब से अधिक समय हो चुके हैं। कहा कि पूरे वर्ष में यह सबसे शुभ दिन है, इसीलिए इस दिन सम्राट विक्रमादित्य ने ईसा पूर्व 56 में विक्रम संवत्त का शुभारंभ किया, जो पूर्ण रूप से वैज्ञानिक व और भारत का सर्वमान्य संवत्त है। हमारे सभी पर्व, संस्कार, मुहूर्त आदि सब इसी के अनुरूप संपन्न होते हैं। भगवान श्री राम व युधिष्ठिर का राज्याभिषेक भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर ही हुआ था। कहा कि नई पीढ़ी को अंग्रेजी नववर्ष मनाने के बजाय भारतीय नववर्ष मनाना चाहिए। निर्णय लिया गया कि 29 मार्च को नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा हिंदू पंचायती धर्मशाला से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए बद्रीनाथ मार्ग स्थित नगर निगम प्रेक्षागृह पहुंचेगी, जहां भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। 30 मार्च को बद्रीनाथ मार्ग स्थित टाटा परिसर में भारत स्वाभिमान न्यास की ओर से योग व हवन कार्यक्रम होगा। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल, डा. पदमेश बुड़ाकोटी, महानंद ध्यानी, प्रकाश चंद्र कोठारी, अमित सजवाण, पंकज ध्यानी, रोशन बलूनी, डा. जितेंद्र नेगी, संजय रावत, शशिभूषण अमोली, दिनेश जुयाल, प्रवेश नवानी, रजनी नेगी, यशोदा देवी, गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल, सीपी डोबरियाल, गोपाल जखमोला, राकेश लखेड़ा, राजेंद्र पंत, शंकर दत्त गौड़, श्रीकांत नौगांई, राजेश रावत, जगत सिंह राणा, प्रभाकर गौड़, दयानंद भट्ट आदि मौजूद रहे।