जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : वन बीट अधिकारियों का धरना-प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। बारिश के बीच भी वन बीट अधिकारियों ने धरना जारी रखा। वन विभाग को शुरु हो चुके फायर सीजन में वन बीट अधिकारियों की हड़ताल से जंगल की आग के सुरक्षात्मक कार्य, कंट्रोल वर्निंग, आग की रोकथाम से लेकर गश्त सहित अन्य कार्य प्रभावित होने लगे हैं। वन बीट अधिकारियों ने कहा कि सरकार से मांगों के निस्तारण को लेकर वार्ता हुई, लेकिन वह विफल रही। आंदोलन में दोनों प्रभागों के 90 से अधिक वन बीट अधिकारी कार्य बहिष्कार पर है।
शनिवार को वन संरक्षक गढ़वाल कार्यालय परिसर पौड़ी में गढ़वाल वन प्रभाग, सिविल एवं सोयम वन प्रभाग के वन बीट अधिकारियों ने तीसरे दिन भी कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। इस मौके पर उत्तराखंड वन बीट अधिकारी/वन आरक्षी संघ के जिलाध्यक्ष शीषपाल सिंह चौहान, महामंत्री पंकज नेगी ने कहा कि वन बीट अधिकारी नियमावली 2016 लागू करने की मांग कर रहे हैं। इस नियमावली में पदोन्नति शत प्रतिशत है। लेकिन सरकार हमारी मांग को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि इसका विपरीत प्रभाव हमारी पदोन्नति पर पड़ रहा है। कहा कई वन बीट अधिकारियों को 15 से अधिक साल सेवा में हो गए हैं, लेकिन पदोन्नति के लाभ से वह वंचित हैं। संघ की उपाध्यक्ष भागीरथी देवी व वन बीट अधिकारी कुसुम ने कहा कि विभाग से वन बीट अधिकारियों को कानूनी अधिकार है, लेकिन एक स्टार सुविधा प्रदान नहीं की गई है। जिसकी मांग लगातार की जा रही है। इसके अलावा चौकियों में तैनाती के दौरान आवास भत्ता प्रदान किए जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार लगातार उनकी मांगों को अनदेखा कर रही है। कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन करने वालो में संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमल किशोर, प्रचार-प्रसार मंत्री पदमेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, नरोत्तम प्रसाद, भागीरथी देवी, गीता देवी, हिमांशु नेगी आदि शामिल रहे।