नया वैकिल्प मार्ग बना चुनौती, दुर्घटनाओं का अंदेशा

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मालन नदी पर बने पुल के समीप बनाया गया है वैकल्पिक मार्ग
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : मालन नदी पर बने पुल के टूटने के बाद बनाया गया वैकल्पिक मार्ग वाहन चालकों के लिए चुनौती बन रहा है। नदी में धूल व पत्थरों के बीच गुजरने वाले वाहनों को हर समय दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है। सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। क्षेत्रवासियों ने सरकारी सिस्टम से जल्द से जल्द पुल की मरम्मत करवाने की मांग की है।
जुलाई माह में कोटद्वार से भाबर को जोड़ने वाला मालन नदी का पुल ढ़ह गया था। जिसके बाद प्रशासन ने तल्ला मोटाढांक-बेलगिरी आश्रम के समीप वैकल्पिक मार्ग का निर्माण करवाया था। लेकिन, यह मार्ग आवागमन के लिए काफी लंबा पड़ रहा था। जिसके बाद नवंबर माह में लोक निर्माण विभाग ने पुल के समीप से ही एक और नया वैकल्पिक मार्ग बनाया। लेकिन, इस मार्ग पर आवाजाही करना वाहन चालकों के लिए चुनौती बन रही है। नदी के बीच पांच सौ मीटर के इस सफर में धूल व पत्थर वाहन चालकों के सफर में बाधा बन रहे हैं। उबड़-खाबड़ मार्ग पर हर समय दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है। भाबरवासी सत्यप्रकाश, मोहन सिंह ने बताया कि मार्ग पर उड़ रही धूल दोपहिया वाहन चालकों का दम घोट रही है। सबसे अधिक परेशानी मार्ग से बच्चों और बुजुर्गों को ले जाने में हो रही है। सरकारी सिस्टम को जल्द से जल्द पुल की मरम्मत पर ध्यान देना चाहिए।

अंधेरे में बढ़ी मुश्किल
मार्ग से रात के अंधेरे में दोपहिया वाहनों का संचालन सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। दरअसल, पूरे मार्ग पर कही भी लाइट की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में जंगल से सटे इस मार्ग पर हर समय जानवरों का खतरा बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने विभागों से मार्ग पर छोटी स्ट्रीट लाइटें लगवाने की भी मांग उठा चुके हैं। कहा कि जनता के हित को देखते हुए जल्द इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए।

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