जयन्त प्रतिनिधि।
रूद्रप्रयाग : जीआरआरसी के सुरजन हॉल में आयोजित रचनात्मक लेखन कार्यशाला में लेखन के क्षेत्र में रुचि जगाने एवं रचनात्मक लेखन के लिए सही कला, भाषा शैली को सशक्त बनाने के लिए मंच प्रदान किया। तीन दिवसीय इस कार्यशाला का उद्घाटन ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी, वीएसएम, कमांडेंट, जीआरआरसी तथा श्रीमती रेखा नेगी, अध्यक्षा एफडब्ल्यूओ द्वारा किया गया।
इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि सुरेन्द्र हाली (रिसोर्स पर्सन) एवं श्रीमती मोना वर्मा सह संस्थापक (दिशा फाउंडेशन) लेखिका, संपादक रहीं। उन्होंने बताया कि रचनात्मक लेखन एक कला है और भाषा उसका एक औजार है। इस कार्यशाला में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों आर्मी पब्लिक स्कूल, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, जीजीआईसी, कैंट बोर्ड स्कूल लैंसडौन के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को लघुकथा, कविता, संस्मरण और कहानी लेखन की बारीकियों से अवगत कराया गया। रिसोर्स पर्सन श्रीमती मोना वर्मा एवं सुरेंद्र हाली द्वारा लेखन की कला, कल्पनाशीलता का उपयोग और भावनाओं की अभिव्यक्ति के विषय में भी बताया गया। विद्यार्थियों ने इस आयोजन को अत्यंत प्रेरणादायक और उपयोगी बताया तथा भविष्य में भी ऐसी कार्यशालाओं की अपेक्षा जताई। तीन दिवसीय इस कार्यशाला में दूसरा और तीसरा दिन फैकल्टी डेवलपमेंट लैंसडौन क्षेत्र के सभी विद्यालयों के शिक्षकों के लिए रहा, जिसमें कार्य स्थल पर पेशेवर शिष्टाचार, दूसरों का सम्मान, सकारात्मक रवैया एवं सभ्य व्यवहार और समय का सदुपयोग से संबंधित जानकारियां एवं गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी कमांडेंट जीआरआरसी ने कहा कि “ऐसी कार्यशालाएं न सिर्फ प्रतिभाओं को तराशती हैं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास भी देती हैं।” इस अवसर पर श्रीमती रेखा नेगी, कर्नल कुलदीप सिरोही, एसएम, कर्नल प्रणव जोशी, ले. कर्नल देवाशीष मुखर्जी, प्रधानाचार्य विजेंद्र दत्त सुंद्रियाल सहित अन्य विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं अध्यापक मौजूद रहें। कार्यक्रम का संचालन ले. कर्नल देवाशीष मुखर्जी ने किया।