नई दिल्ली ,पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में हुए वसीम हत्याकांड ने एक नया और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। जहां एक ओर कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया के जरिए इस हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि उन्होंने गैंगस्टर हाशिम बाबा के लिए इस वारदात को अंजाम दिया, वहीं पुलिस की तफ्तीश की कहानी कुछ और ही बयां कर रही है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले को महज कुछ घंटों में सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर स्पष्ट किया है कि यह वारदात किसी गैंगवार का हिस्सा नहीं, बल्कि आपसी पुरानी रंजिश का नतीजा है।
घटनाक्रम के मुताबिक, 30 और 31 दिसंबर की दरमियानी रात पुलिस को शास्त्री पार्क स्थित जग प्रवेश चंद (जेपीसी) अस्पताल से सूचना मिली थी। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि चाकू के वार से गंभीर रूप से घायल एक युवक को लाया गया था, जिसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान बुलंद मस्जिद, शास्त्री पार्क निवासी 33 वर्षीय वसीम के रूप में हुई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि वसीम पर यह जानलेवा हमला डीडीए पार्क के पीछे बने लूप के पास किया गया था। हत्या की खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया था।
वारदात को सुलझाने के लिए शास्त्री पार्क थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर मनजीत तोमर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए और पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने बुलंद मस्जिद इलाके के ही रहने वाले दो सगे भाइयों—26 वर्षीय शाकिर और 22 वर्षीय इस्लाम उर्फ बॉर्डर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपियों ने बताया कि वसीम के साथ उनका पुराना विवाद चल रहा था और इसी रंजिश के चलते उन्होंने चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया है।