15 मार्च को होगी कोरोना टेस्टिंग फर्जीवाड़े मामले में अगली सुनवाई

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नैनीताल। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कुम्भ मेले में कोरोना टेस्टिंग के फर्जीवाड़े में शामिल मैक्स करपोरेट सर्विसेज के सर्विस पार्टनर शरत पंत व मलिका पंत की ओर से दायर जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। कोर्ट ने आज भी दोनों को जमानत नहीं दी। अगली सुनवाई के लिए 15 मार्च की तिथि तय की है। सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ में हुई। शरत पंत व मलिका पंत ने हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दायर किया है। इसमें कहा है कि वे मैक्स करपोरेट सर्विसेस में एक सर्विस प्रोवाइडर हैं। परीक्षण और डेटा प्रविष्टि के दौरान मैक्स करपोरेट का कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। परीक्षण और डेटा प्रविष्टि का सारा काम स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की प्रत्यक्ष निगरानी में किया गया था। परीक्षण स्टालों ने जो कुछ भी किया था, उसे राजकीय अधिकारियों ने ही अपनी मंजूरी दी। अगर कोई गलत कार्य कर रहा था तो कुंभ मेले के दौरान अधिकारी चुप क्यों रहे? मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार ने पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि कुंभ मेले के दौरान इनके द्वारा अपने को लाभ पहुंचाने के लिए फर्जी तरीके से टेस्ट आदि किए। बीते वर्ष एक व्यक्ति ने सीएमओ हरिद्वार को पत्र भेजकर शिकायत की थी कि कुंभ मेले में टेस्ट करने वाली लैब द्वारा उनकी आईडी व फोन नंबर का उपयोग किया गया है। जबकि उनके द्वारा रैपिड एंटीजन टेस्ट कराने के लिए न तो रजिस्ट्रेशन करवाया गया और न ही सैंपल दिया गया।

 

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