जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : सनेह क्षेत्र में प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावितों ने उचित मुआवजा नहीं मिलने पर रोष व्यक्त किया है। एचएआई विरोध संघर्ष समिति ने सरकार से जल्द से जल्द लोगों को मुआवजा देने की मांग उठाई। कहा कि कृषि भूमि के सर्कल रेट से कम रेट पर दिया जा रहा मुआवजा उन्हें स्वीकार्य नहीं है। कहा कि लगातार शिकायत के बाद भी लोगों की अनदेखी की जा रही है।
इस संबंध में प्रभावितों ने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। समिति के अध्यक्ष आशीष रावत ने बताया कि वर्तमान में नगर निगम के नाथूपुर से लेकर ग्रास्टनगंज तक राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही चल रही है। लेकिन, भूमि अर्जन के लिए मुआवजे का निर्धारण किया गया है, वह बहुत ही कम है, जिससे प्रभावित कतई संतुष्ट नहीं है। कहा कि वर्तमान में इस क्षेत्र में सर्किल रेट 6440 प्रति वर्ग मीटर है, जिस पर तहसील रजिस्ट्री कर रहा है। लेकिन, प्रभावितों को 5250 वर्ग मीटर की दर से दिया जा रहा है, जो न्यायोचित नहीं है। कहा कुछ प्रभावितों के आर्बिटेशन के निर्णय आने के बाद भी बिना अवार्ड घोषित किए ही उन्हें नोटिस जारी कर दिए है, जिन्हें 25 जनवरी 2026 को मकान खाली करने के लिए कहा गया था, जो कि न्यायोचित नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री से प्रभावितों को उचित मुआवजा दिए बगैर ही अग्रिम कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए एनएचएआई विभाग को निर्देशित करने की मांग की है। इस मौके पर कुलदीप रावत, विजयेश्वरी झिंक्वाण, प्रवीन रावत, ललिता रावत, बबीता रावत, पवेत्री देवी, उषा देवी, मोहन प्रसाद, सुनील रावत मौजूद रहे।