जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : सनेह क्षेत्र में बनाए जा रहे बाईपास मार्ग के प्रभावितों को पूरे मूल्यांकन के बाद ही मुआवजा देने की मांग को लेकर एनएचएआई विरोध संघर्ष समिति ने प्रदर्शन किया। कहा कि कई परिवार वर्षों से भूमि पर निवासरत हैं। लेकिन, उन्हें अब तक मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। ऐसे में प्रशासन को जमीन व मकानों का सही मूल्यांकन करके मुआवजा वितरित करना चाहिए।
समिति के सदस्यों ने तहसील में पहुंच प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से सनेह क्षेत्र से राजमार्ग का बाईपास निकाला जा रहा है। जिसके लिए नाथूपुर, विशनपुर, जीतपुर, रतनपुर में मुआवजा तय करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। ऐसे में प्रभावित परिवारों को सही मुआवजा प्रक्रिया के लिए पौड़ी जिले की दौड़ लगानी पड़ रही है, जिससे उनका समय व धन बर्बाद हो रहा है। साथ ही क्षेत्र में कई ऐसे परिवार भी हैं, जो पचास वर्ष पूर्व सरकारी की ओर से बसाया गया था, जिसमें अधिकांश परिवार एससी, एसटी व ओबीसी के हैं। इन परिवारों को अब तक मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। जबकि, यह परिवार दशकों से बिजली, पानी, वोटर कार्ड, आवास योजना जैसी कई अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। बताया कि ऐसे में प्रशासन को इन लोगों को भी मुआवजा देना चाहिए। गोल खाते के आधार पर मुआवजा नहीं दिया जाना चाहिए। बल्कि, गोल खातों में प्रभावित लोगों को ही मुआवजा दिया जाना चाहिए। बताया कि तहसील स्तर से भी रजिस्ट्री व दाखिला में गलती हुई है। ऐसे में इस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में समिति के अध्यक्ष आशीष रावत, सचिव महेंद्र पाल सिंह रावत, कोषाध्यक्ष कुलदीप रावत, सह कोषाध्यक्ष पूरण सिंह, गमाल सिंह रावत, सुनील रावत, कमलेश्वर कोटनाला, पुनीत, विक्रम सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह चौधरी, पूनम रावत, मालती बिष्ट, कामिनी देवी, बबीता बिष्ट, कमला देवी, उषा देवी सहित कई अन्य मौजूद रहे।