निर्माण कार्यो में कंपनियां स्थानीय वाहनों को दें वरीयता

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उत्तरकाशी। रवांई घाटी (यमुनाघाटी) टिप्पर/डंपर संगठन की बड़कोट में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन द्वारा मांग की गई है कि घाटी में चल रहे निर्माण कार्यों में निर्माण कार्य कर रही कंपनियों व स्टोन क्रशरों में प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय वाहनों को काम में वरीयता दी जाए । जिससे लॉकडाउन के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे ट्रांसपोर्टरों सहित वाहन मालिकों एवं चालकों को राहत मिल सके।बड़कोट में रविवार को रवांई घाटी (यमुनाघाटी) टिप्पर/डंपर संगठन की बैठक में ट्रांसपोर्टरों व वाहन मालिकों की समस्याओं तथा समस्याओं के सामाधान को लेकर चर्चा की गई। साथ ही बैठक में संगठन के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि बीते सात महीनों से कोरोना महामारी के कारण उनके वाहनों को काम नहीं मिल पाया है, जिससे सभी ट्रांसपोर्ट, वाहन मालिक, वाहन चालक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि आर्थिक तंगी से उबरने के लिए घाटी में ऑलवेदर निर्माण कार्य, स्टोन क्रशर सहित विभिन्न निर्माण कार्य कर रही निर्माण कंपनियों को सर्व प्रथम यूनियन में रजिस्टर्ड स्थानीय वाहनों को वरीयता दी जाए । इसको लेकर यूनियन द्वारा क्रेशर एवं निर्माण कंपनियों में अनुरोध पत्र भी भेजा गया है। जिससे इन कंपनियों में काम के माध्यम से बेरोजगार वाहन मालिकों व चालकों को रोजगार मुहैया हो सके। साथ ही इस मौके पर संगठन के सभी सदस्यों को एकजुट होने का आह्वान भी किया गया। बैठक में यूनियन के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह रावत, उपाध्यक्ष अंकित रमोला, सचिव मुकेश राणा, सह सचिव अमित रावत, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र बिष्ट एलम सिंह राणा, संजय रतूड़ी, नवीन रमोला, जगमोहन रावत आदि उपस्थित थे।

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