ऋषिकेश। सरकारी अस्पताल में 20 दिन से एंटी रेबीज का टीका नहीं है, जिसके चलते कुत्ता और बिल्ली के काटने पर इंजेक्शन लगाने पहुंच रहे मरीज परेशान हैं। उन्हें बाजार से टीका खरीदकर लाना पड़ रहा है। इसमें कई बार अधिक मरीज होने पर वह डोज के लिए आपस में ही रकम भी जुटा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन की दलील है कि विक्रेता फार्मों से डिमांड के बाद इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। इमरजेंसी में जरूर इस तरह के मरीजों के लिए एंटी रेबीज इंजेक्शन डोज रखी गई है। अस्पताल के आंकड़े पर गौर करें, तो जनवरी में 525 और फरवरी में 450 मरीज एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाने पहुंचे थे। पांच मार्च के बाद से ही इंजेक्शन रूम में एंटी रेबीज डोज नहीं होने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। खासकर आर्थिक रूप से तंग लोगों की दुश्वारियां ज्यादा हैं। कार्यवाहक सीएमएस डॉ. आनंद राणा ने बताया कि दवाओं की खरीद से जुड़ी फार्मों को ऑर्डर दिया गया है, लेकिन उन्होंने किल्लत का जिक्र किया है। विभागीय मुख्यालय को भी इंजेक्शन की डिमांर भेजी गई है। जैसी स्टाफ मिलता है, तो मरीजों को इंजेक्शन उपलब्ध होंगे। वहीं, नगर क्षेत्र में स्ट्रीट डॉग की समस्या भी तेजी से बढ़ी है। बुधवार भरत विहार निवासी पारूल बड़थ्वाल ने क्षेत्र में बढ़ते स्ट्रीट डॉग की वजह से लोगों को खतरा बताते हुए मेयर शंभू पासवान से शिकायत भी की।