कोटद्वार-दुगड्डा के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी है हाथियों की धमक
पूर्व में हुए हादसों के बाद भी हाईवे पर नहीं दिख रहे चेतावनी बोर्ड
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : यदि आप कोटद्वार-दुगड्डा के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग से सफर कर रहे है तो जरा सावधान हो जाएं। दरअसल, गर्मी का पारा चढ़ने के साथ ही हाईवे पर हाथियों की धमक भी बढ़ने लगी है। लैंसडौन वन प्रभाग क्षेत्र के जंगलों से निकलकर हाथी पानी की तलाश में खोह नदी तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में जरा सी लापरवाही आवागमन करने वालों के जीवन पर भारी पड़ सकती है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि पूर्व में हुए हादसों के बाद भी सिस्टम ने आज तक मार्ग पर चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए। जबकि, पूर्व में स्थानीय लोग इस समस्या को लेकर वन विभाग से शिकायत भी कर चुके हैं।
कोटद्वार से दुगड्डा के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा लैंसडौन वन प्रभाग क्षेत्र से सटा हुआ है। ऐसे में कई बार हाथी जंगल से निकलकर हाईवे पर पहुंच जाते हैं। लेकिन, इन दिनों गर्मी का पारा चढ़ने के साथ ही हाईवे पर हाथियों की धमक भी बढ़ने लगी है। हाईवे पार कर हाथी खोह नदी में पहुंच रहे हैं। हाथी की बढ़ रही धमक से हाईवे से आवागमन करने वालों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। हाईवे के किस मोड पर गजराज किसके जीवन पर भारी पड़ जाएं कुछ कहा नहीं जा सकता। जबकि, वन विभाग भी राहगीरों की सुरक्षा को लेकर लारवाह बना हुआ है। दरअसल, हाईवे पर पांच से अधिक ऐसे स्थान हैं जहां हाथियों का झुंड हाईवे पार कर खोह नदी में पहुंचता है। बकायदा हाथियों ने अपने आवागमन के लिए रास्ता भी बनाया हुआ है। ऐसे में होना तो यह चाहिए था कि वन विभाग इन स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाता। जिससे राह चलने लोगों को आगे आने वाले खतरे का पता चल जाता। लेकिन, सिस्टम अपनी जिम्मेदारी को लेकर लापरवाह बना हुआ है।
राहगीर भी रहें सावधान
हाईवे से होते हुए खोह नदी में उतरने के दौरान कई लोग हाथियों को देखकर उत्साहित हो जाते हैं। ऐसे में वह कई बार उनके नजदीक जाकर फोटो खींचने लगते हैं। ऐसे में हाथियों का झुंड चिढ़ जाता है। जिससे वह लोगों को पीछे दौड़ने लगता है। कई बार लोग हाथियों के ऊपर पत्थर भी फेंकने लगते हैं। ऐसे में हाथी उग्र हो जाता है। सुरक्षा को देखते हुए राहगीरों को हाथियों के नदी में उतरने का इंतजार करना चाहिए, न कि उसके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ करनी चाहिए।