विराट हृदय और उच्च राजनैतिक सिद्धान्तों की प्रतिमूर्ति थी उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड की राजनीति की शिखर महिला डॉ. इंदिरा हृदयेश

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार।
उत्तर प्रदेश में शिक्षक राजनीति कर पांच बार एमएलसी और उत्तराखण्ड की राजनीति में तीन बार विधायक तथा दो बार कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी संभालने पर शिखर पर पहुंची विराट हृदय की राजनेता वर्तमान में उत्तराखण्ड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश का आज रविवार को नई दिल्ली में हृदय गति रूक जाने के कारण निधन हो गया।
उत्तराखंड कांग्रेस बड़ा झटका लगा है। लेडी के आयरन के नाम से प्रसिद्ध, कांग्रेस की दिग्गज नेता तथा नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश नहीं रही हैं। रविवार की सुबह दिल्ली में सुबह दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गयी है। उनकी मौत से जहां पूरे उत्तराखण्ड में शोक की लहर दौड़ गयी है वहीं उत्तराखंड की राजनीति के लिये भारी क्षति हुई है। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश की उम्र 80 साल की थी। ज्ञात हो कि इंदिरा हृदयेश दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ मीटिंग में शामिल होने दिल्ली गई थी। इसके बाद उनकी हालत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की बैठक में भाग लेने के लिए वह शनिवार को राजधानी पहुंची थीं। आज उत्तराखंड सदन के कमरा नंबर 303 में उनकी हृदय गति रुकने से मृत्यु हुई है। उनके शव को हल्द्वानी उनके निवास पर ले जाने की तैयारी हो रही है।
बता दें कि यूपी से अलग होकर बने उत्तराखंड में पिछले दो दशकों से कांग्रेस पार्टी का प्रमुख चेहरा रहीं डॉ. इंदिरा हृदयेश राज्य में विपक्ष की कद्दावर नेता थीं। धीर-गंभीर अंदाज और राजनीतिक परिपक्वता की वजह से विपक्षी नेता भी उनका सम्मान करते थे। कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने उत्तराखंड की इस दिग्गज राजनेता के निधन पर शोक जताया है। दिल्ली में उनके निधन की खबर आने के बाद कांग्रेस नेता अल्का लांबा, अनिल चौधरी, सरल पटेल समेत कई नेताओं ने डॉ. हृदयेश की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है।

शोक में दिग्गज

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल चौधरी ने डॉ. हृदयेश के अचानक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया कि इस मुश्किल घड़ी में मैं उनके परिजनों के साथ हूं। ईश्वर डॉ. हृदयेश की आत्मा को शांति प्रदान करे। दिल्ली कांग्रेस की नेता अल्का लांबा ने अपने ट्वीट में डॉ. इंदिरा हृदयेश की असामयिक मृत्यु को दु:खद बताया है।

दिल्ली आने से पहले शनिवार को डॉ. हृदयेश ने कांग्रेस के देशव्यापी प्रदर्शन के तहत हल्द्वानी में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी के रणनीतिक अभियान का वह प्रमुख हिस्सा थीं। इसी के मद्देनजर दिल्ली में होने वाली बैठक में भाग लेने के लिए वह शनिवार को यहां आई थीं। कांग्रेस के उत्तराखंड प्रभारी देवेंद्र यादव ने आज उनके निधन की जानकारी दी। यादव ने कहा कि दिल्ली के उत्तराखंड सदन में डॉ. हृदयेश ने अंतिम सांसें लीं।

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट किया कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री इंदिरा हृदयेश के निधन का दु:खद समाचार मिलकर अंत्यंत दु:खी है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई पदों को सुशोभित किया। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, वन मंत्री हरक सिंह रावत समेत कई मंत्री व नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है।

राजनीतिक जीवन परिचय

जन्म-1941 में
शिक्षा- एमए, पीएचडी
एमएलसी -1974, 80, 86, 92 और 98 में
एमएलए -2002, 2012 और 2017
कैबिनेट मंत्री -2002 और 2012 में
विभाग संभाले -पीडब्ल्यूडी, संसदीय कार्य, विधायी, वित्त, सूचना
नेता प्रतिपक्ष- 2017 से

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