हल्द्वानी। खेल विभाग में कार्यरत कोच अब अपने तय प्रशिक्षण स्थल के मैदान में पहुंचकर ही अपनी हाजिरी लगा सकेंगे। इसके लिए बाकायदा प्रशिक्षकों के चेहरे की रीडिंग भी होगी और आंखों को भी स्कैन करना होगा। वहीं शिविर से जाते समय भी ‘आउट दर्ज करना होगा। ऐसा न करने पर प्रशिक्षकों की लोकेशन विभागीय अधिकारियों तक पहुंच जाएगी। खेल विभाग ने प्रदेश में चल रहे 250 से अधिक खेल प्रशिक्षण शिविरों में प्रशिक्षण का समय तय किया है। कुछ जगहों से प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण शिविर में देरी से पहुंचने और कभी – कभी नहीं आने की भी शिकायतें आ रही थीं। इसके लिए जिला क्रीड़ा अधिकारियों ने भी निरीक्षण किया था। अब खेल विभाग ने मोबाइल ऐप के माध्यम से क्रीड़ा अधिकारियों के ही जिलों में तैनात कर्मचारियों और प्रशिक्षकों की उपस्थिति लेनी शुरू कर दी है। इस ऐप में हर जिले में नियुक्त कोच की जानकारी फीड की गई और उसके खेल प्रशिक्षण शिविर स्थल की जगह की लोकेशन भी ऐड की गई है। इसमें विशेष बात यह है कि कोच की हाजिरी अपने प्रशिक्षण शिविर क्षेत्र में पहुंचने के बाद ही लग सकेगी। इस दौरान फेस रीडिंग या आई रीडिंग भी होगी। प्रशिक्षण के दौरान कैंप एरिया के 100 मीटर के दायरे में ही कोच घूम सकेंगे। इससे बाहर ड्यूटी टाइम में जाते ही उसकी जानकारी खेल निदेशालय तक पहुंच जाएगी। वहीं कैंप टाइमिंग पूरा होने के बाद भी प्रशिक्षकों को ऐप में ही ‘आउट भी दर्ज करना अनिवार्य होगा।