अब हर 15 दिन में होगा कीमतों का रिव्यू, पेट्रोल-डीजल पर सरकार का बड़ा फैसला

Spread the love

नई दिल्ली , देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर सरकार ने एक बहुत बड़ा और अहम ऐलान किया है। अब से हर 15 दिनों पर तेल की कीमतों की विस्तार से समीक्षा (रिव्यू) की जाएगी। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि तेल कंपनियों के भारी घाटे को कम किया जा सके और आम ग्राहकों पर बढ़ती कीमतों का बोझ भी न पड़े। इसी रणनीति के तहत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती करने का फैसला किया है।
कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार, घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि वर्तमान में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और अगले दो महीने के लिए सप्लाई की पूरी व्यवस्था तय कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है और ग्राहकों को रोजाना 10,000 से अधिक नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है, इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर पेट्रोल पंपों पर बेवजह भीड़ न लगाएं। अफवाहों, जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अप्रैल 2022 से अब तक पेट्रोल-डीजल के दाम या तो स्थिर रहे हैं या उनमें कमी ही आई है।
युद्ध जैसे हालात के बीच रिफाइनरियां कर रही हैं पूरी क्षमता से काम
पश्चिम एशिया में चल रहे संकट का जिक्र करते हुए संयुक्त सचिव ने बताया कि भले ही हम अभी युद्ध जैसी गंभीर स्थिति का सामना कर रहे हैं और कच्चे तेल, एलपीजी व एलएनजी की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन भारत के पास अपना पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने जानकारी दी कि देश की सभी रिफाइनरियां अपनी 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं। पिछले कुछ हफ्तों से जो वाणिज्यिक आपूर्ति बाधित हुई थी, उसे अब तेजी से 70 प्रतिशत तक बहाल कर दिया गया है। ऐसे में देश में ईंधन को लेकर पैनिक की कोई स्थिति नहीं है।
एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की भारी कटौती
सीबीआईसी के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की कीमतों में आए भारी उछाल के कारण सरकार ने यह संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है। इसी कड़ी में घरेलू पेट्रोल और डीजल की खपत पर ड्यूटी में 10 रुपये की बड़ी कमी की गई है। पेट्रोल पर संशोधित उत्पाद शुल्क 21.90 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 11.09 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर यह शुल्क 17.8 रुपये से घटाकर 7.8 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसके अलावा वर्तमान क्रैक कीमतों के आधार पर पेट्रोल पर शुल्क शून्य है और डीजल व एटीएफ के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) और उपकर लागू किया गया है।
हर 15 दिन में होगी स्थिति की समीक्षा
सरकार इन परिवर्तनों का उद्देश्य उत्पादों की घरेलू उपलब्धता को प्राथमिकता देना मानती है। स्थिति लगातार बदल रही है और हम एक कठिन समय से गुजर रहे हैं, इसलिए सरकार अब हर 15 दिन बाद इन दरों की समीक्षा करेगी। अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया और बदलावों से हर पखवाड़े सरकार को लगभग 1500 करोड़ रुपये का राजस्व लाभ होने का भी अनुमान है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *