श्रीनगर गढ़वाल : विकासखंड खिर्सू के सुमाड़ी गांव में बन रहे एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) के स्थायी परिसर का निर्माण कार्य सोमवार को दूसरे दिन भी ठप रहा। प्रशासन की मौजूदगी में ग्रामीणों व निर्माणदायी कंपनी के अधिकारियों के बीच वार्ता का प्रयास किया गया, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकल पाया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तनातनी हो गई।
सोमवार को श्रीनगर तहसीलदार दीपक भंडारी और कार्यदायी संस्था सेम इंडिया के जीएम संतोष प्रसाद व एडवाइजर परमानंद चतुर्वेदी धरने पर बैठे ग्रामीणों से वार्ता के लिए पहुंचे लेकिन दोनों पक्षों के बीच शुरुआत से ही तनातनी हो गई। विवाद बढ़ने पर वार्ता बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्थानीय श्रमिकों को बिना पूर्व सूचना और ठोस कारण के नौकरी से हटाया गया है। परियोजना के लिए गांववासियों ने भूमि नि:शुल्क दी, लेकिन अब रोजगार में स्थानीय लोगों की अनदेखी की जा रही है। तीन युवतियों को सेवा से हटाने के मुद्दे पर भी ग्रामीण आक्रोशित हैं। साथ ही निर्माण स्थल पर मलबे के निस्तारण और पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी के आरोप भी लगाए गए हैं। डॉ. सुधीर जोशी, सुरजीत बिष्ट आदि ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक स्थानीय लोगों को पुन: रोजगार नहीं दिया जाएगा और पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं किया जाएगा तब तक निर्माण कार्य बंद रहेगा। फिलहाल प्रशासन स्थिति को संभालने में जुटा है लेकिन परिसर में काम ठप पड़ा है। (एजेंसी)