जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : जिले में बीती 6 अगस्त को विभिन्न स्थानों में आई प्राकृतिक आपदा से 338 गांव प्रभावित हुए है। आपदा से भवनों की आंशिक और पूर्ण रूप से क्षति होने के साथ कुछ पशुओं की मृत्यु भी हुई। अतिवृष्टि से बाधित हुए अधिकांश मोटर मार्गो को यातायात के लिए खोल दिया गया है। वहीं, क्षतिग्रस्त पेयजल एवं विद्युत लाइनों की मरम्मत कर अस्थायी तौर पर आपूर्ति बहाल की गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा से किसी व्यक्ति के आवास और गौशाला पर संकट की स्थिति में तत्काल प्रभावित को शिफ्ट करने और राहत सामग्री देने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार हो रही बारिश के चलते अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन ने अभी तक प्रभावित परिवारों को लगभग 50 लाख रुपये की वित्तीय राहत सहायता दी। साथ ही प्राथमिक सर्वेक्षण में जिले में 136 भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि जिले में बीते दिनों हुई अतिवृष्टि से बाधित हुए अधिकांश मोटर मार्गों को यातायात के लिए खोल दिया गया है। वहीं, क्षतिग्रस्त पेयजल एवं विद्युत लाइनों की मरम्मत कर अस्थायी तौर पर आपूर्ति बहाल की गई है। बताया कि जिले में आपदा से जल निगम और जल संस्थान की 70 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गयी थी, जिनमें से 64 योजनाओं से अस्थायी रूप से पेयजल आपूर्ति बहाल की गयी हैं। अतिवृष्टि से जिले में ऊर्जा निगम की 33 केवी की 520 मीटर, 11 केवी की लगभग साढ़े 3390 मीटर और 5580 मीटर एलटी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसमें 140 वोल्ट क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे 163 गांवों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो गई थी। बताया कि अभी तक 158 गांवों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है।