ऊर्जा निगम के अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर, बिल जमा कराने आये उपभोक्ता मायूस

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। उत्तराखण्ड विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा की कोटद्वार इकाई ने 14 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरूवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी। अधिकारियों और कर्मचारियों की हड़ताल से ऊर्जा निगम का कामकाज बाधित हो गया है। उपभोक्ता विभाग में बिजली का बिल जमा करने आ रहे है, लेकिन हड़ताल होने की वजह से बिजली के बिल जमा नहीं हो पा रहे है।
गुरूवार को उत्तराखण्ड विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी खंड कार्यालय में एकत्रित हुए और प्रदेश सरकार एवं ऊर्जा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि वर्ष 2017 से विद्युत विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मांगे लंबित है। कई बार अवगत कराने के बावजूद भी 14 सूत्रीय मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा है। विद्युत कर्मी कई बार हड़ताल व धरना प्रदर्शन कर चुके है, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। जिस कारण कर्मचारियों में आक्रोश पनप रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि यदि 5 अक्टूबर तक समस्याओं का निराकरण न किया गया तो 6 अक्टूबर से विद्युत कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेगें। वहीं विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की हड़ताल से उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गुरूवार को भी कई उपभोक्ता बिजली का बिल जमा करने आये थे, लेकिन हड़ताल की वजह से बिल जमा नहीं हो पाया। जिस कारण मायूस होकर उपभोक्ता वापस लौट गये। उपभोक्ता आशाराम ने बताया कि वह बिजली का बिल जमा करने आये थे, लेकिन हड़ताल की वजह से बिल जमा नहीं हो पाया। विद्युत विभाग के कार्यालय में पहुंचकर उन्हें हड़ताल के बारे में जानकारी मिली। हड़ताल के कारण उपभोक्ताओं को बिल जमा कराने व नये कनेक्शन लेने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आशाराम के अलावा कई वरिष्ठ नागरिक भी बिजली का बिल जमा कराने आये थे। वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि बड़ी मुश्किल से तो बिजली का बिल जमा करने आये थे, हड़ताल की वजह से बिल जमा नहीं हो पाया। जिस कारण समय के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

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