मलबे को रिहायशी इलाकों में डालने का विरोध

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : गुमखाल क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान निकलने वाले मलबे को रिहायशी इलाकों में डालने का ग्रामीणों ने विरोध किया है। कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में खतरा पैदा हो गया है। जिससे भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। बताया कि वर्तमान में गुमखाल-सतपुली राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। चौड़ीकरण के दौरान पहाड़ कटान से निकले मलबे को रिहायशी इलाकों में फेंका जा रहा है। गुमखाल के समीप महाविद्यालय रामागांव, धरगांव, हटनिया, पाली, बैरगांव सहित अन्य गांव को खतरा बना हुआ है। गांव में नाप खेत मकानों को भी खतरा बना हुआ है। साथ ही इससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन को मजबूर होंगे। इस मौके पर कांग्रेस की पूर्व प्रदेश महामंत्री रंजना रावत, बलवीर सिंह रावत, दलीप सिंह रावत, मदन सिंह नेगी, चंद्रमोहन सिंह, नरेंद्र, रमेश चंद्र खंतवाल आदि मौजूद रहे।

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