रुद्रप्रयाग। रविवार को तल्लानागपुर क्षेत्र के ग्राम स्यूंड में पारंपरिक 11 दिवसीय पाण्डव नृत्य का शुभारंभ हो गया। पहले दिन की शुरुआत पौराणिक परंपराओं और विधि-विधानों के बीच बाण पूजन कार्यक्रम से हुई। बाण पूजन के दौरान पश्वाओं पर अनेक देवी-देवता अवतरित हुए। जिससे सम्पूर्ण माहौल भक्तिमय हो गया। रविवार को पाण्डव नृत्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। सर्वप्रथम स्थानीय देवी देवताओं एवं क्षेत्रपाल देवता का आह्वान किया गया जिसके बाद ढोल-दमाऊ की पारंपरिक धुनों के बीच युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल, सहदेव, द्रौपदी सहित अन्य देवताओं का पश्वाओं पर अवतरण हुआ। देवताओं ने पारंपरिक मुद्राओं के साथ नृत्य प्रस्तुति दी, जिसे गांववासियों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ देखा। बाद में पाण्डवों के प्रतीक चिन्हों (बाणों) को नचाने की परंपरा भी निभाई गई। कार्यक्रम में अंत में ग्रामीणों ने पाण्डव चौक में अर्घ्य अर्पित किया। इससे पूर्व बाण पूजन में सुरेंद्र सेमवाल, दामोदर सेमवाल, प्रकाश सेमवाल, चंडी सेमवाल, राजेंद्र सेमवाल, महावीर सेमवाल, अशोक सेमवाल, आलोक सेमवाल, सुशील सेमवाल, आशीष सेमवाल, अरविंद सेमवाल, भूषण सेमवाल, भास्कर सेमवाल, विपिन सेमवाल, सुधीर सेमवाल, देवेश सेमवाल, हरीश सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे। प्रधान प्रवीण सेमवाल और पाण्डव समिति अध्यक्ष अरविंद डिमरी ने कहा कि ग्रामीण आपसी सौहार्द और श्रद्धा के साथ आयोजन में जुटे हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से आगामी दिनों में पाण्डव नृत्य के दर्शन करने और परंपरा को सहेजने का आग्रह किया। पाण्डव नृत्य के दौरान सैकड़ों ग्रामीण श्रद्धालु मौजूद थे।