विकासनगर। लगातार हो रही बारिश से उफान पर आई यमुना और टौंस नदी की लहरें शांत होने का नाम नहीं ले रही हैं। पछुवादून में यमुना की लहरें तटवर्ती बस्तियों से टकरा रही हैं, जबकि टौंस भी चेतावनी के स्तर से ऊपर बह रही है। तटों को छूती लहरें अभी भी लोगों में दहशत का कारण बनी हुई हैं। नदियों के बढ़े हुए जल स्तर को देखते हुए प्रशासन ने तटवर्ती बस्तियों के लिए अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से हो रही रिकॉर्ड तोड़ बारिश से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। यमुना और टौंस की लहरों के उतार चढ़ाव को देखते हुए तटवर्ती बस्तियों के लोग अभी भी घबराए हुए हैं। लोगों की घबराहट का कारण दोनो नदियों के ऊपरी कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश भी है। प्रशासन की ओर से लगातार सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए जा रहे हैं, लेकिन लोग फिलहाल अपने आशियाने छोड़कर जाने का तैयार नहीं हैं। लिहाजा प्रशासन ने भी बचाव के इंतजाम किए हुए हैं। हालांकि अभी यमुना का जल स्तर खतरे के निशान पर नहीं पहुंचा है, लेकिन टौंस का जल स्तर चेतावनी स्तर से 1.60 मीटर ऊपर पहुंच चुका है। हालांकि, अभी इससे अधिक खतरा नहीं है, लेकिन तटवर्ती क्षेत्र के हरिपुर, रूहाड़ा, व्यास नहरी, डुमेट बस्ती, ढकरानी गांव की निचली बस्ती, भीामवाला, बाड़वाला में यमुना किनारे की बस्ती में कई घर ऐसे हैं जो लहरों से कुछ ही दूर हैं। इन बस्तियों के बाशिंदों की इसी वजह से धड़कने बढ़ने लगी हैं। प्रशासन की ओर से पहले ही यहां के लोगों को सतर्क कर दिया गया है। जल स्तर बढ़ा तो आगे कुछ दिनो में खतरा जरूर बढ़ सकता है। झाझरा में सबसे अधिक 65.5 मिमी बारिश हुई। जबकि चकराता में 37.0 मिमी, कालसी में 25.0 मिमी, त्यूणी में 9.0 और विकासनगर में 1.0 मिमी बारिश हुई। शनिवार सुबह भी पछुवादून में रिमझिम बारिश हुई, हालांकि पूरे दिन बारिश नहीं होन से लोगों को कुछ राहत मिली। आसमान में बादल छाए रहने से मौसम भी सुहाना रहा। चकराता में छाया रहा कोहरा : शनिवार सुबह से बारिश होने के कारण चकराता में घना कोहरा छाया रहा। हालांकि बीच बीच में बारिश रुकती रही, लेकिन पूरा शहर दिन भर कोहरे के आगोश में डूबा रहा। बारिश और कोहरे के कारण शनिवार को चकराता का अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि विकासनगर में अधिकतम तापमान 29 डिग्री व न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा।
नदियों के जल स्तर पर प्रशासन नजर रखे हुए है। सिंचाई विभाग और जल विद्युत निगम के अधिकारी आपदा कंट्रोल रूम से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। आपदा प्रबंधन और पुलिस प्रशासन तटवर्ती बस्तियों में किसी भी आपात स्थिति के लिए मुस्तैद है। – विनोद कुमार, एसडीएम