निगम की ओर से शहर के विभिन्न स्थानों पर बनाई गई थी योजना
पार्किंग स्थल नहीं होने के कारण लगातार बिगड़ रही व्यवस्थाएं
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : वर्ष 2018 में नगर निगम का गठन हुआ तो शहरवासियों को बेहतर सुविधाओं के सपने दिखाए गए। लेकिन, आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी शहरवासी पर्किंग जैसी मूलभूत सुविधा को तरस रहे हैं। तीन वर्ष पूर्व योजना बनाने के बाद भी नगर निगम की पार्किग व्यवस्था धरातल पर रंग नहीं ला पाई। नतीजा, पार्किंग के अभाव में शहर की सड़कें जाम हो रही हैं। सबसे अधिक परेशानी पैदल चलने वालों को हो रही है। ऐसे में कैसे व्यवस्था में सुधार होगा यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
करीब तीन वर्ष पूर्व नगर निगम ने बदरीनाथ मार्ग स्थित प्रेक्षागृह के निचले तल के साथ ही तहसील परिसर के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे, नजीबाबाद चौराह के समीप बस अड्डे को जाने वाली सड़क के किनारे व देवी रोड में पार्किंग स्थल बनाने की योजना बनाई। बकायदा प्रेक्षागृह के समीप व तहसील परिसर के बाहर दीवार पर पार्किंग चार्ज भी चस्पा कर दिया गया था। तहसील के समीप तो निगम कर्मी की तैनाती कर पार्किंग स्थल को शुरु भी कर दिया गया था। लेकिन, यह योजना एक सप्ताह भी नहीं चल पाई। नतीजा, आज भी शहर में दोपहिया व चार पहिया वाहन सड़क पर ही खड़े हो रहे हैं। इसके कारण यातायात व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। सबसे बुरी स्थिति नजीबाबाद रोड, झंडाचौक, स्टेशन रोड, बदरीनाथ मार्ग व गोखले मार्ग के साथ ही पटेल मार्ग पर बनी रहती है। बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण आमजन को बीच सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। जिससे हर समय दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। शादी व त्योहार सीजन में तो स्थिति और अधिक बिगड़ जाती है। कई लोग अपने वाहनों को सड़क पर खड़ा कर बाजार खरीददारी करने के लिए चले जाते हैं। जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ जाती है।
चुनाव में नेताओं ने दिया आश्वासन
नगर निगम गठन के बाद पहली बार हुए चुनाव के साथ ही इस बार के चुनाव में भी नेताओं ने शहरवासियों को पार्किंग स्थल बनाने का आश्वासन दिया था। लेकिन, एक कार्यकाल बीत जाने व दूसरे कार्यकाल के कई माह गुजर जाने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि, शहरवासी कई बार इस मुद्दें को गंभीरता से उठा चुके हैं।