चीन-पाक नौसैनिक गठजोड़ पर संसद समिति की चेतावनी, भारत को सक्रिय रहने की दी सलाह

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नई दिल्ली , संसद की विदेश मामलों की समिति ने चीन और पाकिस्तान के बीच बढ़ते नौसैनिक सहयोग को लेकर गंभीर चिंता जताई है। समिति ने सरकार को सुझाव दिया है कि भारत को इस उभरते खतरे से निपटने के लिए पहले से ज्यादा सक्रिय रणनीति अपनानी चाहिए। समिति, जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस सांसद शशि थरूर कर रहे हैं, ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि चीन-पाकिस्तान का बढ़ता नौसैनिक गठजोड़ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हितों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, हिंद महासागर क्षेत्र भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत की 7500 किलोमीटर लंबी तटरेखा और विशाल विशेष आर्थिक क्षेत्र इसे वैश्विक समुद्री व्यापार का अहम केंद्र बनाते हैं। करीब 90 प्रतिशत भारतीय व्यापार इसी समुद्री मार्ग से होता है, जिसमें तेल आयात भी शामिल है। ऐसे में इस क्षेत्र की सुरक्षा भारत के लिए अत्यंत आवश्यक है।
समिति ने कहा कि चीन तेजी से अपनी नौसैनिक ताकत बढ़ा रहा है। हर साल बड़ी संख्या में नए युद्धपोत शामिल किए जा रहे हैं, जिससे वह दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना बन चुका है। इसके साथ ही, चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ रणनीति और बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (क्चक्रढ्ढ) के तहत समुद्री ठिकानों का विस्तार क्षेत्रीय संतुलन को बदल रहा है।

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