श्रीनगर गढ़वाल : राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के टीचिंग बेस अस्पताल में पार्किंग की सुविधा न मिलने से मरीजों और तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में चौपहिया वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था न होने से मरीजों को वाहन खड़ा करने के लिए भटकना पड़ रहा है। अस्पताल में ओपीडी भवन के आगे का क्षेत्र स्टाफ के वाहनों के लिए आरक्षित है, जबकि इमरजेंसी भवन के सामने सिर्फ दोपहिया वाहन ही खड़े किए जा सकते हैं। मजबूरी में मरीजों को लाने वाले तीमारदार वाहन को राजमार्ग किनारे, फुटपाथ या आसपास की संकरी जगहों पर खड़ा करना पड़ता है, जिससे कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती है।
चमोली, पौड़ी, रुद्रप्रयाग जनपद से बड़ी संख्या में गंभीर और रेफर मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं। अधिकतर मरीजों को प्राइवेट टैक्सी, कार या अन्य निजी वाहनों से लाया जाता है। तीमारदारों का कहना है कि वाहन खड़ा करने के लिए घंटों भटकना पड़ता है। कई बार इमरजेंसी में पहुंचे मरीजों के साथ वाहन को सड़क पर खड़ा करना जोखिम भरा होता है, साथ ही चालान का डर भी बना रहता है। पौड़ी से पहुंचे एक मरीज के तीमारदार ने कहा कि अस्पताल में इलाज के साथ-साथ पार्किंग न मिलना सबसे बड़ी परेशानी है। अगर गंभीर मरीज के साथ जल्दी इलाज कराना हो तो पहले वाहन कहां खड़ा करें, यही चिंता होती है। चिकित्सा अधीक्षक डा. राकेश रावत ने बताया कि पार्किंग समस्या के समाधान को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। ओपीडी भवन के समीप पुलिस चौकी को अन्य जगह शिफ्ट करने की योजना है, जिससे लगभग दो सौ वाहनों की पार्किंग की सुविधा विकसित हो सकेगी। इसके अलावा नए सीबीसी भवन के पास मलबा हटाकर भी पार्किंग स्थल तैयार किया जाएगा। फिलहाल मरीजों और तीमारदारों ने मांग की है कि जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं बनती, तब तक वैकल्पिक अस्थायी पार्किंग का प्रबंध किया जाए, जिससे उन्हें राहत मिल सके। (एजेंसी)